ओजोन परत बचाने साथ आए थे 24 देश; 1995 से मनने लगा ओजोन प्रिवेंशन डे; 100 साल पहले वॉल स्ट्रीट पर हुआ था बम विस्फोट - AKB NEWS

ओजोन परत बचाने साथ आए थे 24 देश; 1995 से मनने लगा ओजोन प्रिवेंशन डे; 100 साल पहले वॉल स्ट्रीट पर हुआ था बम विस्फोट

हर साल यूनाइटेड नेशंस की ओर से 16 सितंबर को इंटरनेशनल डे फॉर द प्रिवेंशन ऑफ द ओजोन लेयर मनाया जाता है। यह इवेंट 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की याद दिलाता है, जिसे 24 देशों ने साथ आकर बनाया था। मॉन्ट्रियल में इन देशों ने दुनिया से कहा था कि ओजोन परत को बर्बाद करना बंद करें। इसमें ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल बंद करने का वचन लिया गया था, जिससे ओज़ोन परत को नुकसान पहुंचता है। 19 दिसंबर 1994 को यूएन की जनरल असेंबली ने 16 सितंबर को ओजोन लेयर के बचाव के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने का फैसला किया। पहला ओजोन डे 16 सितंबर 1995 को मनाया गया था।

कोरोनावायरस को काबू करने के लिए चार महीने का सख्त लॉकडाउन था। कुछ सख्त नियम आज भी लागू हैं। इस वजह से प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई और इससे ओजोन डे का महत्व और बढ़ गया है। देहरादून की पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज यूनिवर्सिटी ने अध्ययन में पाया कि लॉकडाउन की वजह से ओजोन को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों की कमी रही और इससे ओजोन की परत की क्वॉलिटी में 1.5 से दो गुना तक मजबूती आई है।

वॉल स्ट्रीट पर बम धमाके में 38 की मौत

  • बात 1920 की है। न्यूयॉर्क में वॉल स्ट्रीट पर बम विस्फोट हुआ था और इसमें 38 लोग मारे गए थे। यह उस समय तक अमेरिकी धरती पर किया गया सबसे भयानक हमला था। अब तक यह पता नहीं चल सका है कि उस बम ब्लास्ट के लिए कौन जिम्मेदार था और उसने यह हमला क्यों किया था।

जनरल मोटर्स कॉर्पोरेशन की शुरुआत

  • आज हम जिस कंपनी को जीएम (GM) के ट्रेडमार्क से जानते हैं, उसकी शुरुआत आज ही के दिन 1908 में फ्लिंट, मिशिगन में विलियम सी. ड्युरंट और चार्ल्स स्टुअर्ट मॉट ने की थी। यह दुनिया की सबसे बड़ी कार और ट्रक बनाने वाली कंपनियों में से एक है। कंपनी ने शेवरले, हमर जैसी कारें बनाकर दुनिया के सामने पेश की है।

मलेशिया बना था आज ही के दिन

  • 1963 में फेडरेशन ऑफ मलय में उत्तरी बोर्नेयो, सबाह, सारावाक और सिंगापुर मिलकर मलेशिया बना था। यह बात अलग है कि यह एसोसिएशन ज्यादा टिका नहीं। दो साल में ही सिंगापुर ने इस व्यवस्था को छोड़ दिया।

लेबनान में 3000 लोगों की हत्या

  • लेबनान में 1982 में राइट-विंग ग्रुप के सदस्यों ने बेरूत के रिफ्यूजी कैम्प में रह रहे करीब 3000 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। यह नरसंहार सबरा और शतिला के फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैम्पों में हुआ था। इसमें लेबनीज क्रिश्चियन फैलान्गिस्ट मिलिशिया शामिल था।

आज के दिन को देश और दुनिया में हुई इन घटनाओं के लिए भी जाना जाता है-

  • 1810ः निगवेल हिदाल्गो ने स्पेन से मैक्सिको की आज़ादी के लिए संघर्ष शुरू किया।
  • 1821ः मैक्सिको की स्वतंत्रता को मान्यता मिली।
  • 1975ः केप वर्डे, मोजाम्बिक, साओ टोमे और प्रिंसिप संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुए।
  • 1975ः पापुआ न्यू गिनी ने आस्ट्रेलिया से स्वतंत्रता हासिल की।
  • 1978: ईरान के तबास इलाके में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। 20 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।
  • 1978ः जनरल जिया उल हक़ पाकिस्तान के राष्ट्रपति चुने गए।
  • 1986: दक्षिण अफ्रीका में सोने की खदान में फंसने से सैकड़ों लोगों की मौत।
  • 2007ः वन टू गो एयरलांइस का विमान थाईलैंड में दुर्घटनाग्रस्त, 89 लोगों की मौत।
  • 2013ः वाशिंगटन में एक बंदूकधारी ने नौसेना के शिविर में 12 लोगों की गोली मारकर हत्या की।
  • 2014ः इस्लामिक स्टेट ने सीरियाई कुर्दिश लड़ाकों के खिलाफ युद्ध छेड़ा।

जन्मदिन:

  • 1893: श्यामलाल गुप्त, कवि (गुप्त ने विजयी विश्व तिरंगा प्यारा गीत लिखा)
  • 1916: एम.एस. सुब्बालक्ष्मी, भारतीय अभिनेत्री और गायिका (भारत रत्न से सम्मानित)
  • 1932: नोबल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक रोनाल्ड रॉस (मलेरिया मच्छरों से होता है यह बताया)
  • 1971: प्रसून जोशी, गीतकार, सेंसर बोर्ड यानी सीबीएफसी (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) के प्रमुख हैं





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