एसडीएमआईएस की डाटा-इंट्री नहीं हाेने पर 35 एचएम से स्पष्टीकरण, अबतक वर्ष 17-18 तक ही हुई है डाटा-इंट्री
स्कूल डाटा मैनेजमेंट इंफाॅरमेशन सिस्टम (एसडीएमआईएस) की डाटा-इंट्री नहीं हाेने पर धनबाद के 35 स्कूलाें के प्रभारी प्रधानाध्यापकाें से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसकाे लेकर संबंधित प्रभारी एचएम काे कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। धनबाद बीईईओ ने प्रभारी एचएम काे पत्र देते हुए कहा कि एसडीएमआईएस का ऑनलाइन कार्य पिछले कई महीनाें से हाे रहा है। लेकिन, अब तक वर्ष 2016-17 और 2017-18 तक की ही डाटा-इंट्री ही हुई है। मामले में राज्य और जिला कार्यालय जवाब मांग रहा है।
ऐसे में संबंधित प्रभारी एचएम तीन दिनाें में स्पष्ट करें कि किस परिस्थिति में डाटा इंट्री में शिथिलता बरती गई है। जबकि इसे भारत सरकार काे उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। हालांकि मामले में तत्कालीन राज्य परियाेजना निदेशक उमााशंकर सिंह ने 15 जुलाई काे निर्देश दिया था कि डाटा इंट्री जिला/प्रखंड के सभी कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा इंट्री ऑपरेटर, अकाउंटेंट, ब्लाॅक एमआईएस काेर्डिनेटर कर सकते हैं।
कई स्कूलाें में कंप्यूटर नहीं
अधिकांश स्कूलाें में कंप्यूटर नहीं है और कंप्यूटर है भी ताे वहां इंटरनेट नहीं है। जबकि एसडीएमआईएस में स्कूल का पूरा ब्याेरा भरा जाना है। वर्ष 16-17 में डाटा इंट्री एक निजी एजेंसी से कराई थी। मामले में डेढ़ वर्ष पहले संबंधित डीएसई का वेतन भी राेका गया था। डाटा इंट्री के ताैर पर छात्र का नाम, जन्मतिथि, एडमिशन नंबर, आधार कार्ड नंबर, बैंक डीटेल और बच्चे काे मिली सुविधा की जानकारी देनी थी।
स्कूलाें काे ही करना है डाटा इंट्री का काम
डीईओ प्रबला खेस ने 30 नवंबर तक ही डाटा इंट्री पूरा करने की हिदायत दी थी। सभी बीईईओ काे लिखे पत्र में कहा था कि कार्य धीमा है और उसमें भी बाघमारा, गाेविंदपुर व झरिया का कार्य निम्नस्तरीय है। बीईईओ कामेश्वर महताे ने बताया कि एसडीएमआईएस की डाटा इंट्री का काम स्कूलाें काे ही करना है।

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