कैसे होगी पूर्ति:कोरोना मरीजों की सांसों पर संकट, बेड और वेंटिलेटर के बाद अब ऑक्सीजन की कमी : रांची
काेराेना संक्रमण बढ़ने के साथ अब अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग 20 गुना अधिक बढ़ चुकी है। कुल एक्टिव केस में 35 फीसद से अधिक ऐसे मरीज है जिन्हें कोरोना के सारे गंभीर लक्षण है। सांस लेने में भी खूब परेशानी हो रही है। ऑक्सीजन की जरूरत के बाद भी अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रही। नतीजन अस्पताल के दहलीज पर कई दम तोड़ रहे है।
पहले राज्य में प्रतिदिन जहां 2 से ढाई टन ऑक्सीजन की जरूरत होती थी वह अब बढ़कर 50 से 55 टन हाे गई है। राजधानी के आधा दर्जन अस्पतालों में ऑक्सीजन का स्टॉक बुधवार दोपहर 12 बजे तक का ही बचा है। आलम नर्सिंग होम, ऑर्किड अस्पताल, हैल्थ प्वाइंट, सिटी ट्रस्ट हॉस्पिटल समेत कई हॉस्पिटलों में यही हाल है। रांची डीडीसी विशाल सागर ने कहा कि अगले कुछ घंटों के अंदर ही रांची में 24 टन ऑक्सीजन पहुंच जाएगा और यह अगले दो दिनों तक के लिए काफी है।
समस्या
- ऑक्सीजन सप्लायर ने कहा, पहले एक अस्पताल को 10 सिलिंडर देने के बाद पर्याप्त होता था स्टॉक, अब हर अस्पताल में 50 से अधिक हो रहा सप्लाई।
- सप्लाई बढ़ने से सिलिंडर का स्टॉक हो रहा कम, रिफिल तो तब होगा जब अस्पताल से खाली सिलिंडर पहुंचेगा।
निदान
- सरकार अगर 5000 सिलेंडर स्टॉकिस्ट व डीलर को उपलब्ध कराती है तो दूर हो सकती है समस्या।
- सिलिंडर के साथ ऑक्सीजन उत्पादन में लगने वाली लिक्वड की भी हो पूर्ति


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