भारत के साथ US:वाइस प्रेसिडेंट कमला हैरिस ने कहा- जब हमारे हॉस्पिटल भरे पड़े थे, तब भारत ने मदद की थी, अब हम यह फर्ज निभाएंगे : वॉशिंगटन
कमला हैरिस के मुताबिक- अमेरिका ने वैक्सीन पेटेंट सस्पेंड इसलिए किया ताकि भारत और दूसरे देशों में जल्द वैक्सीन पहुंचाई जा सके।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा है कि उनका देश इस मुश्किल वक्त में भारत की हर मुमकिन मदद करने तैयार है। शुक्रवार रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमला ने कहा- महामारी के शुरुआती दौर में हम जूझ रहे थे, हमारे हॉस्पिटल्स में बेड्स नहीं बचे थे। तब उस मुश्किल दौर में भारत ने हमें मदद भेजी थी। आज भारत में हालात खराब हैं, इसलिए अब हम भारत की मदद के लिए वचनबद्ध हैं।
कमला हैरिस भारतीय मूल की हैं और उनके कुछ रिश्तेदार अब भी तमिलनाडु में रहते हैं। वे इस पद पर पहुंचने वाली पहली अश्वेत हैं।
भारत हमारा मित्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कमला ने माना कि भारत में महामारी की स्थिती परेशान करने वाली है। वहां का हेल्थ सिस्टम दबाव में है, लेकिन अमेरिका इस दौर में भारत की मदद का वादा करता है। हैरिस ने कहा- भारत ने मुश्किल वक्त में अमेरिका को मदद भेजी थी, अब हमारी बारी है। यह मदद हम भारत के दोस्त के तौर पर कर रहे हैं। हम एशियन क्वॉड और ग्लोबल कम्युनिटी का हिस्सा हैं।
हैरिस ने आगे कहा- अमेरिका ने पहले ही साफ कर दिया है कि वो कोविड-19 वैक्सीन का पेटेंट सस्पेंड कर रहा है। ये हम इसलिए कर रहे हैं ताकि भारत और दूसरे देशों को जल्द से जल्द वैक्सीन मिल सके। भारत और अमेरिका में संक्रमण के मामले सबसे ज्यादा हैं।
कुछ मदद पहुंच चुकी है
भारत को भेजी गई या भेजी जा रही मदद का जिक्र करते हुए हैरिस ने कहा- हमने उन्हें रिफिलेबल ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कन्सनट्रेटर्स, N95 मास्क और रेमडेसिविर इंजेक्शन भेजे हैं। अभी यही चीजें और भी भेजी जानी हैं।
हैरिस ने कहा- 26 अप्रैल को प्रेसिडेंट बाइडेन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बाचतीच की थी। इस दौरान उन्होंने मदद की पेशकश की। 30 अप्रैल को मिलिट्री और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन ने पहली खेप वहां पहुंचा दी थी। कमला ने कहा- भारत में संक्रमण और मौतों के आंकड़े दिल दुखाने वाले हैं। इस महामारी में जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, मैं उन परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करती हूं।


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