QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021:100 अंकों के साथ IISc बेंगलुरु दुनिया के टॉप रिसर्च इंस्टीट्यूट में शामिल, IIT-बॉम्बे फिर बना देश का सबसे अच्छा उच्च शिक्षा संस्थान - AKB NEWS

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021:100 अंकों के साथ IISc बेंगलुरु दुनिया के टॉप रिसर्च इंस्टीट्यूट में शामिल, IIT-बॉम्बे फिर बना देश का सबसे अच्छा उच्च शिक्षा संस्थान


लंदन के क्वाक्वेरेली साइमंड्स (QS) ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 जारी कर दी है। 200 यूनिवर्सिटी के लिए जारी रैंकिंग लिस्ट में तीन भारतीय संस्थान IISc बेंगलुरु, IIT बॉम्बे और IIT दिल्ली भी शामिल हैं। 100 में से 100 अंकों के स्कोर के साथ IISc बेंगलुरु दुनिया के टॉप रिसर्च यूनिवर्सिटी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। इसके साथ ही इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस पूरे 100 अंक हासिल करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है।

ये हैं देश के टॉप इंस्टिट्यूट्स

जारी रैंकिंग में IIT-बॉम्बे लगातार चौथे साल भारत का सबसे अच्छा उच्च शिक्षा संस्थान बन गया है। पिछले साल के मुकाबले 5 स्‍थान गिरकर IIT-बॉम्बे 177 वें स्थान पर रहा। जबकि IIT-दिल्ली पिछले 12 महीनों में 193 से बढ़कर 185वें पायदान पर पहुंच गया है। जबकि, ओवरऑल यूनिवर्सिटी रैंकिंग में IISc बेंगलुरु 185वीं रैंक से 186वीं रैंक पर पहुंच गया है।

टॉप 1,000 में शामिल 22 भारतीय संस्थान

दुनिया के टॉप 1,000 इंस्टीट्यूट में रखे गए इंडियन इंस्टीट्यूट की कुल संख्या में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस बार भी 22 भारतीय विश्वविद्यालय टॉप 1,000 में शामिल हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और अमृता विश्व विद्यापीठम टॉप 1,000 की लिस्‍ट से बाहर हो गए हैं. इंस्टिट्यूट्स 801-1,000 के बैंड से गिरकर 1,001-1,200 में आ गए हैं।

रैंकिंग 2021 के मुताबिक, IIT-बॉम्बे, IIT-दिल्ली और IISc बेंगलुरु के अलावा अन्य कोई इंस्टीट्यूट 2017 के बाद से अभी तक शीर्ष 200 में जगह नहीं बना पाया है। ताजा रैंकिंग में भारत की टैली पिछलों 5 सालों से बरकरार है।

इन इंस्टिट्यूट्स की रैंकिंग में हुआ सुधार

ताजा रैंकिंग के मुताबिक सात इंस्टिट्यूट IIT-दिल्ली, IIT-मद्रास, IIT-कानपुर, IIT-खड़गपुर, IIT-गुवाहाटी, IIT-हैदराबाद और सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय को रैंकिंग में बढ़त हासिल हुई है। वहीं, पिछले साल 14 यूनिवर्सिटी रैंक में गिर गए थे और सिर्फ चार को ही लाभ हुआ था। 

Previous article
Next article

Leave Comments

एक टिप्पणी भेजें

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads