घोषणा पत्र में अनुबंध कर्मियों को परमानेंट करने का किया था वादा, पर अब उद्योग विभाग से भी कांंट्रैक्ट पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर हटाए जाएंगे - AKB NEWS

घोषणा पत्र में अनुबंध कर्मियों को परमानेंट करने का किया था वादा, पर अब उद्योग विभाग से भी कांंट्रैक्ट पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर हटाए जाएंगे

उद्योग विभाग से भी कांंट्रैक्ट पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभागीय सचिव प्रवीण टोप्पो ने अधिकारियों को इस बारे में प्रस्ताव मांगा है। यहां भी भवन निर्माण विभाग की तर्ज पर कांट्रैक्ट पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को हटाने और विभाग के सहायक प्रशाखा पदाधिकारी को खुद कंप्यूटर टाइपिंग व अन्य कार्य को कहा गया है।

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस संबंध में आदेश भी जारी हो जाएगा। हालांकि सत्तारुढ़ झामुमो ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि सरकार बनने पर वह अनुबंध कर्मियों की सेवा विहित प्रक्रिया के तहत नियमित करेगा।

लेकिन, अब सरकार में आने के बाद वह इस मुद्दे पर मौन है। दिलचस्प बात यह है कि प्रवीण टोप्पो जिस-जिस विभाग में जा रहे हैं, उस विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटरों पर गाज गिरती जा रही है। टोप्पो जब परिवहन सचिव थे, तो वहां कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर हटाए गए, जब वह भवन निर्माण विभाग में आए तो यहां के तीन कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवा समाप्त कर सहायकों को ही कंप्यूटर टाइपिंग व अन्य कार्य करने का आदेश जारी कर दिया गया है। अब उद्योग विभाग की बारी है। जब प्रवीण टोप्पो से इस बारे में बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और न ही वाट्सएप पर भेजे गए सवालों के जवाब दिए।

लंबा इंतजार...सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नियमितीकरण पर सरकार गंभीर नहीं

परिवहन विभाग द्वारा कांंट्रैक्ट पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर व अन्य कर्मियों को हटाने के बाद वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने उनके मामले में झारखंड सरकार को सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आदेश दिया, लेकिन सरकार अब तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गंभीर नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नियमितीकरण के लिए बनी 2015 की नियमावली जरूर संशोधित की गई, लेकिन उसकी शर्तें नियमितीकरण की बात बढ़ने ही नहीं दी। मसलन, 10 वर्ष की सेवा, सक्षम प्राधिकार से स्वीकृत पद के विरुद्ध नियुक्ति व अन्य।

सचिवालय सेवा संघ ने निर्णय वापस लेने की मांग की

इधर, झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने भवन निर्माण विभाग से सहायक प्रशाखा पदाधिकारियों से कंप्यूटर टाइपिंग कराने संबंधी आदेश वापस लेने की मांग की है। संघ के महासचिव पीकेश कुमार सिंह का कहना है कि कंप्यूटर ऑपरेटरों को हटाने के बाद उनका काम कौन करेगा। सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के जिम्मे टाइपिंग नहीं है। भवन निर्माण विभाग का आदेश सचिवालय अनुदेश के विपरीत है। इधर, जानकारी के अनुसार जल्द ही राज्य में कंट्रैक्ट पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर भी बैठक कर आंदोलन की घोषणा कर सकते हैं।

सुप्रियो भट्टाचार्य बोले- झामुमो अपने वादे पर अडिग है

झामुमो के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य से जब कंप्यूटर ऑपरेटरों को हटाए जाने के संबंध में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में पता नहीं है। जहां तक पार्टी के घोषणा पत्र में अनुबंधकर्मियों के नियमितीकरण का वादा है, उस पर झामुमो अडिग है।



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The manifesto promised to permit contract workers, but now the computer operators working on the contract will also be removed from the industry department.


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