‘83’ के राइट्स डिज्नी प्लस हॉटस्टार को बेचे जाने की खबरों का निर्देशन कबीर खान ने किया खंडन, बोले- 'भले एक साल रुकना पड़े लेकिन फिल्म सिनेमाघर में ही आएगी' - AKB NEWS

‘83’ के राइट्स डिज्नी प्लस हॉटस्टार को बेचे जाने की खबरों का निर्देशन कबीर खान ने किया खंडन, बोले- 'भले एक साल रुकना पड़े लेकिन फिल्म सिनेमाघर में ही आएगी'

कबीर खान की फिल्‍म ’83’ लंबे समय से पूरी तरह बनकर तैयार है, मगर लॉकडाउन के चलते रिलीज नहीं हो पा रही। कुछ महीनों पहले खबरें फ्लोट हुईं थीं कि एक बड़े डिजिटल प्‍लेटफॉर्म ने फिल्‍म के मेकर्स को 143 करोड़ रुपए ऑफर किए थे। उसे मगर तब कबीर खान ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से चर्चाएं हैं कि फिल्‍म को लेकर रिलायंस और ‘डिज्‍नी प्‍लस हॉटस्‍टार’ के बीच डील होनी है।

हॉटस्टार से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि रिलायंस ने पिछले हफ्ते कंपनी को अप्रोच किया गया था। 200 करोड़ रुपए में आउटराइट देने की पेशकश की। चूंकि यह बहुत बड़ी रकम है। ऐसे में, इस डील पर मैनेजमेंट आपस में चर्चा कर रहा है। आंकलन किया जा रहा है कि इतनी बड़ी रकम अगर इनवेस्‍ट की जाती है तो क्‍या मौजूदा सब्‍सक्राइबर बेस से उसकी रिकवरी मुमकिन है? मैनेजमेंट का एक हिस्सा इस डील को हरी झंडी देने को राजी है। उनका तर्क है कि अपने प्‍लेफॉर्म पर स्पोर्ट्स के सेगमेंट के सब्‍सक्राइबर भी हैं। यह फिल्‍म स्पोर्ट्स ड्रामा है। ऐसे में उधर के टिपिकल सब्‍सक्राइबर भी मूवी देखने वाले सब्‍सक्राइबर बेस में इजाफा करेंगे। बहरहाल, इस पर कोई निर्णय आना बाकी है। स्‍टार इंडिया के चेयरमैन को दैनिक भास्‍कर ने इस खबर के बाबत संपर्क किया, मगर खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से प्रतिक्रिया आनी बाकी थी।

सिनेमाघरों में ही रिलीज होगी फिल्म

इस पर डील की मौजूदा वस्‍तुस्थिति पता करने के लिए दैनिक भास्‍कर ने फिल्‍म के डायरेक्‍टर कबीर खान से बात की। उन्‍होंने कहा,’ यह सब कंजक्‍चर्स हैं। ऐसा कुछ नहीं है। आए दिन नए डेवलपमेंट आते रहते हैं। हमलोग मन बना चुके हैं। यह सिनेमाघरों में ही रिलीज होगी। चाहे उसके खुलने के लिए हमें छह महीने इंतजार करना पड़े या फिर पूरे साल। फिल्‍म विजुअल ट्रीट वाली है।

फिल्म में इस्तेमाल किया गया वीएफएक्सः कबीर खान

बड़े पर्दे पर देखने में ही रोमांच की अनुभूति होगी। इसमें वीएफएक्‍स भी है। पर उस पर चर्चा अभी करना मुनासिब नहीं होगा। वह इसलिए कि यह ऑडिएंस को ओवर एनालाइज करना सा होगा। उन्‍हें क्‍या मतलब कि फिल्‍म में कितना वीएफएक्‍स है या कितना रियल? उस मसले पर अभी बात करना फिल्‍म का गैर जरूरी चीड़ फाड़ करना सा है। बाकी अन्‍य फिल्‍मकारों की तरह मैंने भी लॉकडाउन में कुछ स्‍टोरीज डेवलप की हैं। अब सोचूंगा कि उन्‍हें किनके साथ बनानी हैं।






from Dainik Bhaskar
Previous article
Next article

Leave Comments

एक टिप्पणी भेजें

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads