19 साल पहले इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला 9/11, शिकागो में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण के 127 साल - AKB NEWS

19 साल पहले इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला 9/11, शिकागो में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण के 127 साल


11 सितंबर 2001 का वह दिन था। न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में करीब 18 हजार कर्मचारी रोज की तरह काम कर रहे थे। तभी आठ बजकर 46 मिनट पर जो हुआ, वो इंसानी सोच से बाहर का था। 19 आतंकियों ने चार विमान हाईजैक किए। दो विमान लेकर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दोनों टॉवरों से टकरा गए। इससे विमानों में सवार सभी लोग और बिल्डिंग में काम कर रहे कई लोग मारे गए। दो घंटे के अंदर दोनों टॉवर ढह गए। तीसरा विमान अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन से टकराया, जबकि चौथा विमान शेंकविले के खेत में क्रैश हुआ था।

मानव इतिहास में सबसे भीषण आतंकी हमले में 70 देशों के करीब 3000 लोग मारे गए। हाईजैकर्स में 15 सऊदी अरब के थे, जबकि बाकी यूएई, मिस्र और लेबनान के थे। इस हमले के बाद अलकायदा के चीफ ओसामा बिन लादेन को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए 2.5 करोड़ डॉलर का इनाम रखा था। आखिरकार, 2 मई 2011 में अमेरिका के सीक्रेट मिशन में पाकिस्तान के एबटाबाद में छिपकर रह रहे लादेन को मार गिराया। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में था। दोनों टॉवर 1966 में बनने शुरू हुए और 1973 में बनकर तैयार हुए थे।

...जब विवेकानंद ने धर्म संसद में कहा- सिस्टर्स एंड ब्रदर्स ऑफ अमेरिका

शिकागो के सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद।

1893 में 11 सितंबर को विश्व धर्म सम्मेलन हुआ था। उसमें स्वामी विवेकानंद ने जैसे ही "सिस्टर्स एंड ब्रदर्स ऑफ अमेरिका" कहकर अपना भाषण शुरू किया, पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। यह पहला मौका था, जब पश्चिम का सामना पूरब के धर्माचार्य से हो रहा था। उस समय पश्चिमी देशों के सामने भारतीय संस्कृति, अभ्यास और दर्शन नया-नया ही था। विवेकानंद के इस बहुचर्चित भाषण ने भारत की छवि को नया आयाम दिया।

स्वामी विवेकानंद ने अपने भाषण में सांप्रदायिकता, धार्मिक कट्टरता और हिंसा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता और कट्टरता लंबे समय धरती को शिकंजे में जकड़े हुए है और इससे धरती पर हिंसा बढ़ गई है। कई बार धरती खून से लाल हुई है। कितनी ही सभ्यताओं का विनाश हुआ है। न जाने कितने देश नष्ट हुए हैं। उन्होंने अपने भाषण में सहनशीलता और सार्वभौमिकता का मसला भी उठाया था।

​​​दक्षिण अफ्रीका में गांधीजी का सत्याग्रह

दक्षिण अफ्रीकी में गांधी जी।

1906 में दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने एक नया कानून बनाया। इस कानून में भारतीय मूल के लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया था। जोहानसबर्ग में 11 सितंबर को ही हुई भारतवंशियों की एक बैठक में इसका विरोध हुआ। इसमें गांधी जी ने विरोध के लिए अहिंसा का इस्तेमाल करने की पैरवी की।

यह संघर्ष सात साल चला। दक्षिण अफ्रीका में भी उस समय अंग्रेजों का शासन था और उन्होंने हजारों भारतीयों को हड़ताल, रजिस्ट्रेशन से इनकार करने, रजिस्ट्रेशन कार्ड जलाने और प्रदर्शन करने के लिए जेल भेज दिया था।

इतिहास में आज का दिन इन घटनाओं की वजह से भी याद किया जाता है…

  • 1919ः अमेरिकी नौसेना ने होंडुरास पर आक्रमण किया।
  • 1939ः इराक और सऊदी अरब ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
  • 1941ः अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन का निर्माण शुरू हुआ।
  • 1951ः इंग्लिश चैनल तैरकर पार करने वाली पहली महिला बनी फ्लोरेंस चैडविक। उन्हें इंग्लैंड से फ्रांस पहुंचने में 16 घंटे और 19 मिनट लगे।
  • 1961ः विश्व वन्यजीव कोष (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) की स्थापना।
  • 1965ः भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने दक्षिण पूर्वी लाहौर के निकट बुर्की शहर पर कब्ज़ा किया।
  • 1968ः एयर फ्रांस का विमान संख्या 1611 नाइस के निकट दुर्घटनाग्रस्त। हादसे में 89 यात्रियों और चालक दल के छह सदस्यों की मौत।
  • 1971ः मिस्र में संविधान को स्वीकार किया गया।
  • 1973ः चिली के राष्ट्रपति साल्वाडोर अलांदे का सैन्य तख्तापलट।
  • 1996ः राष्ट्रमंडल संसदीय संघ में पहली बार महिला अध्यक्ष निर्वाचित।
  • 2003ः चीन के विरोध के बावजूद तिब्बत के धार्मिक नेता दलाई लामा से अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश मिले।
  • 2005ः गाजा पट्टी में 38 सालों से जारी सैन्य शासन समाप्त करने की घोषणा।
  • 2006ः पेस और डेम की जोड़ी ने अमेरिकी ओपन का युगल खिताब जीता।
  • 2007ः येरूशलम से सटे डेविड शहर में लगभग 2000 साल पुरानी सुरंग का पता लगा।




from Dainik Bhaskar
Previous article
Next article

Leave Comments

एक टिप्पणी भेजें

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads