एंटीजन में निगेटिव लोगों काे अनिवार्य रूप से कराना होगा आरटीपीसीआर टेस्ट, जिसमें करीब 50 हजार एंटीजन टेस्ट हुआ
कोरोना वायरस को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व आईसीएमआर ने साझा तौर पर सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में सभी राज्यों को सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि रैपिड एंटीजन टेस्ट से निगेटिव आए लोगों का अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर टेस्ट करें। झारखंड स्वास्थ्य विभाग को पत्र मिलने के साथ इसे पूर्वी सिंहभूम समेत प्रदेश के अन्य जिला को भेजा है। पूर्वी सिंहभूम जिले में अबतक करीब 1.35 लाख सैंपल की जांच हुई है, जिसमें करीब 50 हजार एंटीजन टेस्ट हुआ है।
पूर्व गाइडलाइन के अनुसार अभी तक एंटीजन टेस्ट में निगेटिव पाए लोगों को निगेटिव मान लिया जाता था। लेकिन एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव टेस्ट पाए जाने पर आरटीपीसीआर टेस्ट से कोरोना वायरस की पुष्टि होती थी। पिछले दिनों जिस तरह से कोरोना के मामलों में उछाल आया है इसको देखते हुए सरकार ने सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखी है। पत्र में इस बदलाव के उद्देश्य के बारे में लिखा है कि ऐसा करके हम ज्यादा से ज्यादा कोरोना मरीजों तक पहुंचेंगे व उन्हें संक्रमण से बचाएंगे। वायरस को लेकर सरकार रणनीति में बदलाव कर रही है। कुछ महीनों में टेस्ट की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी, जिसकी वजह से पूर्वी सिंहभूम समेत प्रदेश व देश में संक्रमितों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। नियंत्रित करने के लिए संदिग्ध मरीज का इलाज करना चाहती है।
कोरोना संक्रमण से मरने वाले मरीज बुजुर्ग और गंभीर बीमारी से थे पीड़ित
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम ने प्रशासन को जानकारी दी है। प्रशासन ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया- कोरोना वायरस से हुई मौत में अधिकांश बुजुर्ग व गंभीर बीमारी से ग्रसित थे। तीन सदस्यीय टीम ने सात से नौ सितंबर तक जिला का आंकलन कर लौटी है। टीम के अनुसार - संक्रमण से अधिकांश मौत इसी कारण हुई है। सामान्यत: ऐसे व्यक्ति घर से बाहर नहीं जाते हैं पर उनके घर वाले बाहर जाते हैं, बिना लक्षण वाले संक्रमित हो जाते है। बिना लक्षण वाले संक्रमित व्यक्ति शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण वो बीमारी से ठीक हो जाते हैं पर उनके परिवार की वृद्ध व्यक्ति व गंभीर व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हो जाते हैं और उसकी मौत हो जाती है।
ऐसे में कोरोना संक्रमण की सार्थक रोकथाम हेतु कोविड हॉट स्पॉट, बफर जोन, कंटेनमेंट जोन, हाट बाजार, मॉल आदि भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में रघूम रहे व्यक्ति का कोविड-19 टेस्ट आवश्यक है। जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के यह निर्णय लिया है कि उक्त आलोक में कोविड-19 के संक्रमण रोकथाम के लिए वृहत स्तर पर जांच की जाए। इस कार्य में यदि कोई भी व्यक्ति बाधा पहुंचाते हैं या असहयोग करते हैं तो उनके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 एवं अन्य सुसंगत धारा के तहत कार्रवाई की जाएगी।
from Dainik Bhaskar

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