एजेंसियाें की फेंका-फेंकी में भगवान भराेसे हाे गया बैंक मोड़ फ्लाईओवर, काेई नहीं ले रहा जिम्मेवारी
धनबाद शहर की लाइफलाइन कहे जानेवाले बैंक माेड़ फ्लाईओवर की स्थिति खराब है। 1970 के दशक में बनाया गया यह ओवरब्रिज काफी जर्जर हाे चुका है। वर्षाें से इसकी मरम्मत नहीं की गई है। ऊपर से दिनाें-दिन इस पर वाहनाें का दबाव बढ़ता जा रहा है। मैथन जलापूर्ति याेजना का राइजिंग पाइप भी इसी ब्रिज पर चढ़ा दिया गया है। पिछले वर्षाें में ओवरब्रिज के निचले कई हिस्साें से प्लास्टर झड़कर गिर चुका है। ब्रिज के ऊपर सड़क की ताे मरम्मत कभी-कभार हाे भी जाती है, लेकिन निचले हिस्से की रिपेयरिंग नहीं हाेती। असल में, सड़क निर्माण से जुड़ी विभिन्न एजेंसियाें के अफसर बिरसा चाैक से सुभाष चाैक के बीच के फ्लाईओवर की मरम्मत और देखभाल से सड़क निर्माण से जुड़ी विभिन्न एजेंसियां पल्ला झाड़े बैठी हैं।
हालांकि, पथ निर्माण विभाग ने पिछले साल मरम्मत के लिए प्राक्कलन तैयार किया था, लेकिन उसे अब तक विभागीय मंजूरी नहीं मिली है। पथ निर्माण विभाग, एनएचएआई और एसएचएजे की आपसी फेंका-फेंकी के बीच नया बाजार फ्लाईओवर की स्थिति पेंडुलम की हाे गई है। ये तीनाें एजेंसियां इसे अपनी जिम्मेवारी मानने काे तैयार नहीं हैं। ऐसे में अगर इसकी स्थिति बिगड़ जाए, ताे अचानक ही शहर के दाे हिस्साें के बीच संपर्क बिल्कुल टूट-सा जाएगा और इसका खामियाजा यहां के लाेगाें काे भुगतना हाेगा।
सड़क हाे गई फाेरलेन, बस ओवरब्रिज काे छाेड़ दिया गया
महुदा माेड़ से गाेल बिल्डिंग तक की सड़क काे फाेरलेन बनाने का काम लगभग पूरा हाे चुका है, लेकिन नया बाजार ओवरब्रिज पर काेई काम नहीं किया गया। इसके दाेनाें तरफ बैंक माेड़ चाैराहे और सुभाष चाैक पर सड़क चाैड़ी की जा चुकी है। जानकारी के मुताबिक, सड़क की फाेरलेनिंग की याेजना 110 कराेड़ रुपए की है। इसी के तहत मटकुरिया पुल और मटकुरिया श्मशान घाट के पुल काे चाैड़ा किया जा रहा है, लेकिन ओवरब्रिज काे पूरी तरह से छाेड़ दिया गया है।
from Dainik Bhaskar

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