मंडी में बिचौलियागिरी करते थे कांग्रेसी, अनाज तक मार लेते थे, कृषि बिल सही : अन्नपूर्णा देेवी
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी कृषि नीति और हाथरस मामले में कांग्रेस पर हमलावर दिखी। कांग्रेस को किसानो का शोषक करार देते हुए हाथरस मामले में गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया। वहीं झारखंड की हेमंत सरकार को विकास विरोधी बताया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार रविवार को हरिचक स्थित भाजपा कार्यालय पहुंची थी। जहां कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष महादेव दुबे ने की। उनके स्वागत में जमुआ विधायक केदार हाजरा, पूर्व विधायक निर्भय कुमार शाहाबादी, लक्ष्मण स्वर्णकार, नागेंद्र महतो, पूर्व आईजी सह भाजपा नेता लक्ष्मणा प्रसाद सिंह, चुन्नुकांत, मेयर सुनील कुमार पासवान, डिप्टी मेयर प्रकाश सेठ, मुख्य रूप से मौजूद थे।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि दशकों बाद हमारी सरकार ने किसानों का दर्द समझा। किसान हित में नरेंद्र मोदी की सरकार में कृषि बिल आया। जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। बिचौलियों और मंडी वालों की गुलामी से किसानों को आजादी मिली है। अब उनका अनाज कहीं का भी व्यपारी खरीद सकता है। किसानाें को अब मंडी का मोहताज नहीं रहना होगा। वे किसी को भी अपनी उपज उचित मूल्य में बेच सकते हैं। वे किसी भी राज्य में अनाज बेच सकते हैं। जिसे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पचा नहीं पा रहे हैं। क्योंकि इस कृषि बिल से मंडी में उनकी दलाली खत्म हो गई है। मंडी में ज्यादातर कांग्रेस के ही दलाल होते थे। वे किसानों की उपज का तौल मार लेते थे और उचित दाम नहीं देते थे। वे किसानों को स्वतंत्र नहीं होने देना चाहते थे। वे किसानों के शोषक हैं। किसानों को गुमराह कर विरोध प्रदर्शन में उन्हें शामिल करते हैं।
हाथरस घटना की सांसद ने निंदा की। कहा कि किसी भी सभ्य समाज के लिए ऐसी घटना ठीक नहीं है। लेकिन इस घटना पर सरकार कार्रवाई कर रही है। एसपी समेत कई पुलिस पदाधिकारी को सस्पेंड किया गया है। पीड़ित परिवार को सरकार न्याय दिलाएगी। लेकिन कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल इस पर गंदी राजनीति कर रहे हैं। संवेदना व्यक्त करने का यह तरीका नहीं है। इधर झारखंड की हेमंत सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि यहां भी अपराध और उग्रवाद बहुत तेजी से बढ़ रहा है। विधि व्यवस्था चौपट हो गई है। सरकार की प्राथमिकता में विकास नहीं है। करोना को लेकर भी यह सरकार गंभीर नहीं है। सिर्फ टीका टिपण्णी करने में मुख्यमंत्री लगे हैं।

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