बेमतलब की खड़ी इमारत, 16 करोड़ की गड़बड़ी ढंकने के लिए अब वार्ड या ओपीडी बनेगा - AKB NEWS

बेमतलब की खड़ी इमारत, 16 करोड़ की गड़बड़ी ढंकने के लिए अब वार्ड या ओपीडी बनेगा

(संतोष चौधरी/राजीव गोस्वामी) राज्य के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज रिम्स में 16 करोड़ रुपए की वित्तीय गड़बड़ी को ढंकने के लिए नई योजना तैयार की जा रही है। गलत जगह बनाई गई झारखंड की पहली चार मंजिला पार्किंग कॉम्प्लेक्स दो साल से बेकार पड़ा है। बिना सर्वे और जरूरत का आकलन किए इसे मुख्य अस्पताल से लगभग एक किमी दूर बना दिया गया है। अब तक यहां एक गाड़ी भी पार्क नहीं की गई।

अनुपयोगी साबित होने और इसका नए तरीके से इस्तेमाल के लिए रेनोवेशन की तैयारी शुरू कर दी गई है। बढ़ते मरीजों की संख्या का भार कम करने के लिए वार्ड या ओपीडी बनाने की पहल शुरू हो चुकी है। इसमें करीब 4 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसकी डिजाइन तैयार करने के लिए आर्किटेक्ट ने पिछले सप्ताह ही सर्वे और मापी का काम पूरा कर लिया है। बहुत जल्द आंतरिक डिजाइन में बदलाव का काम शुरू हो जाएगा।

रिम्स परिसर में वाहनों की पार्किंग की बरकरार समस्या और गलत जगह पर पार्किंग कॉम्प्लेक्स बनाकर अब उसे रेनोवेट करने के बारे में पूछे जाने पर रिम्स प्रशासन ने कुछ भी स्पष्ट बताने से इनकार कर दिया। प्रभारी निदेशक डॉ. मंजू गाड़ी ने कहा कि ऊपर से निर्देश मिलने के बाद बिल्डिंग की उपयोगिता के लिए टीम बनेगी। टीम ही तय करेगी कि वहां क्या खोला जाए।

लापरवाही: पार्किंग से 900 मीटर दूर है मेन बिल्डिंग, डॉक्टर-कर्मी सड़क पर लगाते हैं गाड़ी

रिम्स के डॉक्टरों ने बताया कि जिस स्थान पर पार्किंग बनाया गया है वहां से रिम्स मेन बिल्डिंग की दूरी 900 मीटर है। ऐसे में कोई भी डॉक्टर या कर्मचारी के लिए दिन में दो या तीन बार पार्किंग कांप्लेक्स से मेन हॉस्पिटल में आना-जाना करना संभव नहीं है। इसलिए कोई डॉक्टर या कर्मचारी बिल्डिंग में वाहन नहीं लगाते। रोड के किनारे ही सभी के वाहन लगते हैं।

इनके ओपीडी होंगे: न्यूरो सर्जरी, गायनी, ईएनटी, न्यूरोलॉजी और मेडिसिन विभाग।

ये 4 वार्ड खुल सकते हैं : नेफ्रोलॉजी, डायलेसिस, न्यूरोलॉजी, साइक्रेटिक डिपार्टमेंट।

सीधी बात: डॉ. मंजू गाड़ी, प्रभारी निदेशक, रिम्स रांची

टीम तय करेगी क्या बनेगा

  • जब ओपीडी खोलना था तो मल्टी स्टोरी पार्किंग कॉम्प्लेक्स क्यों बना?
  • पार्किंग पहले से बना है। उपयोग नहीं हो रहा है, इसलिए वहां वार्ड या ओपीडी खोलने पर विचार हो रहा।
  • कौन-कौन से विभागों के ओपीडी पार्किंग कॉम्प्लेक्स में खुलेंगे?
  • ऊपर से निर्देश मिलने के बाद एक टीम बनेगी, जो तय करेगी कि कौन डिपार्टमेंट खुलेंगे। अभी कुछ तय नहीं है।
  • पार्किंग को रेनोवेट करने के लिए मापी भी हो चुकी है? कैसे बोल रहीं कि तय नहीं हुआ?
  • मापी हुई है, ताकि आकलन किया जा सके कि कहां क्या खोला जा सकता है। इससे ज्यादा कुछ नहीं बोल सकती।

रिम्स में पार्किंग की जरूरत, वार्ड शिफ्टिंग ठीक नहीं

मेरे आने से पहले ही पार्किंग कॉम्प्लेक्स को वार्ड में तब्दील करने का प्रस्ताव तैयार था। मैं इससे सहमत नहीं था, क्योंकि रिम्स में पार्किंग की जरूरत है। डॉक्टर-कर्मचारियों को अपने वाहन वहीं लगाने चाहिए, ताकि पूरा परिसर जाम मुक्त रहे। यही कारण है कि मैंने कोई काम नहीं कराया।
डॉ. डीके सिंह, पूर्व निदेशक, रिम्स




Previous article
Next article

Leave Comments

एक टिप्पणी भेजें

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads