ब्लेजर घोटाले में सप्लायर पर चार्जशीट असिस्टेंट रजिस्ट्रार को मिली क्लीनचिट, घटिया कपड़ों से बने ब्लेजरों की सप्लाई कर आईआईटी से लिया 22.37 लाख का भुगतान
आईआईटी आईएसएम के छात्रों के लिए ब्लेजर की खरीदारी में फर्जीवाड़ा के मामले में सीबीआई ने मंगलवार को विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय की अदालत में धनबाद की सप्लायर कंपनी मेसर्स ललिता होजियरी लाइफस्टाइल प्रा. लि. और उसके डायरेक्टर रवींद्र कुमार सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी। वहीं सीबीआई ने फर्जीवाड़ा में नामजद आईआईटी आईएसएम के तत्कालीन असिस्टेंट रजिस्ट्रार (परचेज एंड स्टोर) अशोक कुमार गुप्ता और रांची की कंपनी मेसर्स अमित इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अमित कुमार जैन को साक्ष्य की कमी का हवाला देते हुए क्लीनचिट दे दी।
सीबीआई ने 26 दिसंबर 2018 को प्राथमिकी दर्ज कर ब्लेजर घोटाले का भंडाफोड़ किया था। सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, छात्रों के लिए ब्लेजर खरीदने में वर्कऑर्डर की शर्तों की अवहेलना की गई। मैसूर की जिस प्रतिष्ठित रीड एंड टेलर इंडिया लिमिटेड नामक कंपनी से ब्लेजर के लिए कपड़ों की खरीदारी होनी थी, उसके बजाय घटिया कपड़े की खरीदारी कर उसे रीड एंड टेलर का बताया गया।
इसके लिए रांची के एक सप्लायर फर्म को रीड एंड टेलर का झारखंड में होलसेल डीलर बता जाली प्रमाणपत्र बना ललिता होजियरी ने ब्लेजर की आपूर्ति कर दी। इस मामले में आईएसएम के तत्कालीन असिस्टेंट रजिस्ट्रार अशोक कुमार गुप्ता की भूमिका संदिग्ध बताई गई थी। सीबीआई ने दोनों फर्मों और असिस्टेंट रजिस्ट्रार की मिलीभगत से आईआईटी आईएसएम से 22.37 लाख का भुगतान लेने को प्राथमिकी का आधार बनाया था।

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