नीट की काउंसिलिंग जल्द कराने की याचिका लगाने वाला निकला लेथ मैकेनिक, चीफ जस्टिस ने नीट का मतलब पूछा ताे हाथ-पैर जाेड़ने लगा - AKB NEWS

नीट की काउंसिलिंग जल्द कराने की याचिका लगाने वाला निकला लेथ मैकेनिक, चीफ जस्टिस ने नीट का मतलब पूछा ताे हाथ-पैर जाेड़ने लगा

(नितिन चाैधरी) झारखंड हाईकाेर्ट में गुरुवार काे एक अजीब वाक्या हुआ। नीट पास अभ्यर्थियाें की काउंसिलिंग जल्द कराने की याचिका पर सुनवाई के दाैरान जब चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता से पूछा कि नीट का मतलब क्या? ताे वह सहम गया। पहले कहा-नेशनल। फिर माफी मांग ली। इसके बाद चीफ जस्टिस डाॅ. रवि रंजन ने उसे डांट लगाई और याचिका रद्द दी। हाईकाेर्ट में यह याचिका मैट्रिक पास एक लेथ मैकेनिक ने दायर की थी।

याचिका में उसने हाईकाेर्ट से नीट में झारखंड के सफल अभ्यर्थियाें की काउंसिलिंग जल्द कराने का आग्रह किया था। मामले की वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हाे रही थी। सुनवाई शुरू हाेते ही चीफ जस्टिस काे कुछ गड़बड़ी लगी। उन्हाेंने वकील से कहा कि तत्काल याचिकाकर्ता से बात कराएं। लक्ष्मण उस समय बाेकाराे में था। उसे वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। चीफ जस्टिस ने पूछा-आपने कहां तक पढ़ाई की।

लक्ष्मण ने कहा-1990 में मैट्रिक पास करने के बाद पढ़ाई छाेड़ दी थी। तब से लेथ मैकेनिक का काम कर रहा हूं। काेर्ट ने पूछा-आपके घर से नीट का काेई कैंडिडेट है ताे उसने इनकार किया। फिर चीफ जस्टिस ने पूछा- नीट का फुल फाॅर्म क्या हाेता है। उसने जवाब देने की काेशिश की, लेकिन नेशनल... शब्द से आगे नहीं बढ़ सका, क्याेंकि उसे नीट के बारे में काेई जानकारी ही नहीं थी। जैसे ही उसे लगा कि गलती पकड़ी गई ताे वह गिड़गिड़ाने लगा।

चीफ जस्टिस के सामने हाथ-पैर जाेड़ने लगा। कहने लगा-मुझसे बहुत बड़ी गलती हाे गई है। माफ कर दीजिए। इस पर चीफ जस्टिस ने कड़ी नाराजगी जताई। कहा-याचिकाकर्ता काे अपनी याचिका के बारे में ही काेई जानकारी नहीं है। है भी ताे आधी-अधूरी। इस याचिका से इसका काेई लेना-देना नहीं है। इसलिए याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाए। लेकिन जब लक्ष्मण बार-बार माफी मांगने लगा ताे चीफ जस्टिस ने उसे कसकर डांट लगाई।

कहा-ऐसी याचिका से काेर्ट का समय बर्बाद हाेता है। आज के बाद ऐसी गलती नहीं करना। इसके बाद उन्हाेंने याचिका रद्द कर दी। चीफ जस्टिस पहले भी कई बार लाेगाें काे गलती का अहसास कराते रहे हैं, ताकि लाेगाें में सुधार आ सके। कई बार ओपन काेर्ट में भी उन्हाेंने याचिकाकर्ता काे उनकी गलती का अहसास कराते हुए माफी दी है।

आज से 22 नवंबर तक हाईकाेर्ट में दिवाली और छठ की छुट्टी

झारखंड हाईकाेर्ट में 22 नवंबर तक सुनवाई बंद रहेगी। हाईकाेर्ट में दिवाली और छठ की छुट्टी घाेषित कर दी गई है। अब 23 नवंबर से फिर नियमित रूप से काेर्ट में सुनवाई शुरू हाेगी।



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