धनबाद, गोविंदपुर, बलियापुर व बाघमारा में अवैध रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज होंगे रद्द, भू-राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव ने डीसी को दिया आदेश - AKB NEWS

धनबाद, गोविंदपुर, बलियापुर व बाघमारा में अवैध रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज होंगे रद्द, भू-राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव ने डीसी को दिया आदेश

भू-राजस्व विभाग ने धनबाद के गोविंदपुर, बलियापुर, धनबाद और बाघमारा अंचलों में जमीनों की अवैध रजिस्ट्री और म्युटेशन को रद्द करने का आदेश दिया है। इस बाबत विभाग ने शिकायतकर्ता रमेश कुमार राही की शिकायतों को रेखांकित करते हुए डीसी की जांच रिपोर्ट को ही आधार बनाते हुए भारतीय निबंधन अधिनियम की धारा 82 के तहत दाखिल-खारिज रद्द करने की कार्रवाई करने का आदेश दिया है। डीसी ने पिछले दिनों भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि निबंधन एवं नामांतरण में त्रुटि हुई है। निबंधन एवं नामांतरण के समय भूमि के दस्तावेजों का विधिवत जांच नहीं की गई। भू-राजस्व सचिव को भेजी रिपोर्ट में डीसी ने लापरवाही बरतने के लिए दोषी सीओ, सीआई, रजिस्ट्रार व लिपिकों के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई के लिए मंतव्य की मांग की थी।

सरकारी व सीएनटी जमीनों का बदल दिया गया नेचर

डीसी की रिपोर्ट मिलने के बाद भू-राजस्व विभाग ने एनआईसी के माध्यम से भी दस्तावेजों की जांच कराई। जांच में ये तथ्य पुष्ट हुए कि सरकारी जमीनों का नेचर बदल कर गैर सरकारी और सीएनटी की जमीन को नन सीएनटी किया गया, फिर उसकी बिक्री और म्युटेशन करा लिया गया। रमेश कुमार राही ने इस तरह के 14 मामलों का जिक्र किया था। उनमें 150 से अधिक छोटे-बड़े प्लॉट शामिल हैं।

जांच रिपोर्ट पर कई कर्मियों व अधिकारी से मांगा जवाब

डीसी के निर्देश पर गठित टीम की जांच रिपाेर्ट के आधार पर डीसी ने धनबाद के सीओ प्रशांत लायक, पूर्व सीओ प्रकाश कुमार व सीआई जीएस प्रसाद, गाेविंदपुर की सीओ वंदना भारती व पूर्व सीओ अनिल कुमार, धनबाद निबंधन की सब रजिस्ट्रार श्वेता कुमारी व पूर्व सब रजिस्ट्रार संताेष कुमार, गाेविंदपुर निबंधन के सब रजिस्ट्रार मिहिर कुमार समेत 23 कर्मियाें काे शो-कॉज किया।

क्या थी शिकायत

2016 के बाद जमीनों की ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान म्यूटेशन में गड़बड़ी की गई। कई मामलाें में खातों और प्लाॅट का मिलान किए बिना ही पंजीयन-2 के आधार पर दाखिल-खारिज कर दिया गया। निबंधन विभाग ने खाता-प्लाॅट की जांच किए बिना ही निबंधन कर दिया गया। जांच में झारनेट की आईटी विभाग स्तर पर भी लापरवाही बरती गई है।

अभी पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने पर अध्ययन के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

उमा शंकर सिंह, डीसी




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