शहर में बिजली केबल मार्च तक होंगे अंडरग्राउंड बारिश, आंधी व थंडरिंग में गुल नहीं होगी बत्ती, लॉकडाउन में ठप केबलिंग के काम में आई तेजी - AKB NEWS

शहर में बिजली केबल मार्च तक होंगे अंडरग्राउंड बारिश, आंधी व थंडरिंग में गुल नहीं होगी बत्ती, लॉकडाउन में ठप केबलिंग के काम में आई तेजी

झारखंड संपूर्ण बिजली अच्छादन योजना के तहत मार्च 2021 तक शहर के प्रमुख इलाकाें की 33 केवी लाइन अंडरग्राउंड (यूजी) हो जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा गर्मी में मिलेगा। साथ ही आंधी-तूफान, तेज बारिश और थंडरिंग के दौरान बिजली के तार गिरने और घंटों बिजली बाधित होने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा। योजना का काम अब अंतिम चरण पर है। करीब 70 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। यह पूरी योजना 364 करोड़ रुपए की है। पिछले वर्ष अक्टूबर में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम शुरू हुआ था। इसे जून तक पूरा करना था, पर लॉकडाउन के कारण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका।

मार्च तक पूरी हो जाएंगी ये योजनाएं

  • राजभवन सबस्टेशन और 33 केवी हटिया-राजभवन (लंबाई-20 किमी) लाइन 9 दिसंबर को पूूरी हो चुकी
  • कांके सबस्टेशन व कोनका सबस्टेशन-कोकर सबस्टेशन 1(4.3 किमी) लाइन 31 दिसंबर तक पूरी होगी
  • हरमू सबस्टेशन व 33 केवी हटिया-हरमू लाइन (11 किमी) 15 फरवरी तक बनेगी
  • अरगोड़ा सबस्टेशन व हटिया अरगोड़ा लाइन (20 किमी) 28 फरवरी तक पूरी होगी
  • नामकुम-कुसई फीडर से कुसई सबस्टेशन लाइन (20 किमी) 31 मार्च तक बनेगी
  • एयरपोर्ट व कुसई-एयरपोर्ट लाइन (4.5 किमी) 31 जनवरी तक पूरी होगी
  • पॉलिटेक्निक सबस्टेशन, नामकुम-पॉलिटेक्निक लाइन, (11.2 किमी) 15 फरवरी तक तैयार होगी
  • मोरहाबादी सबस्टेशन, कांके-मोरहाबादी लाइन (30 किमी) 31 मार्च तक पूरी होगी

इन क्षेत्र के लोगों को मिलेगा फायदा

रांची सदर, अरगोड़ा, हरमू, राजभवन इलाका, मोरहाबादी, सेवा सदन इलाका, कांके एरिया, कोकर अरबन व रूरल, आरएमसीएच, नामकुम, सिदरौल, सदाबहार चौक, रूक्का डैम इलाका, बूटी, विकास, हटिया-विधानसभा, मदर डेयरी, पंडरा, कुसई, एयरपोर्ट के अलावे अरगोड़ा, हरमू, कुसई में यूजी केबल बदले जाएंगे। 11 केवी लाइन हिनू, मेकॉन, सुजाता, अलबर्ट एक्का, कचहरी चौक व सुजाता चौक से सिरमटोली कांटाटोली चौक-कोकर चौक-बूटी मोड़ तक यूजी केबल चार्ज किया जा रहा है।

लाइन ब्रेक डाउन की समस्या खत्म होगी

अगले वर्ष मार्च तक 33 केवी लाइन को अंडरग्राउंड करने का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद 11 केवी को यूजी करने का काम शुरू होगा। आंधी-पानी, थंडरिंग में बिजली बाधित नहीं होगी। तार गिरने व लाइन ब्रेक डाउन होने की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी।

-पीके श्रीवास्तव, जीएम रांची




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