शिवालय कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 8 लेन रोड का निर्माण करने से किया इंकार, शाज के अफसराें की परेशानी बढ़ी - AKB NEWS

शिवालय कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 8 लेन रोड का निर्माण करने से किया इंकार, शाज के अफसराें की परेशानी बढ़ी

विश्व बैंक की मदद से काकाे मठ से गाेल बिल्डिंग तक बन रही आठ लेन सड़क पर ग्रहण कम हाेता नहीं दिख रहा है। पहले सरकार ने सड़क निर्माण कार्य पर राेक लगाया था और अब सड़क निर्माण कार्य में लगी ठेका कंपनी ने काम करने इंकार कर दिया है। आठ लेन सड़क का काम कर रही हरियाणा की शिवालय कंस्ट्रक्शन कंपनी ने शाज मुख्यालय को पत्र लिखाकर कार्य नहीं करने की बात कही है। कंपनी ने पत्र में कहा है कि धनबाद में काम करना संभव नहीं है। कंपनी ने पत्र में पांच माह तक बिना काम राेके जाने के एवज में सरकार से एग्रीमेंट के अनुसार हर्जाने की भी मांग की है।

ठेका कंपनी के काम करने से इंकार करने पर जहां शाज के अफसराें की परेशानी बढ़ गई है, वहीं इस सड़क के निर्माण पर भी अड़ंगा लग गया है। शिवालय कंपनी के काम से इंकार किए जाने की सूचना स्टेट हाईवे ऑथरिटी ऑफ झारखंड ने विश्व बैंक काे भी दे दी है। कंपनी काे मनाने और आगे की रणनीति पर विचार करने के लिए प्राेजेक्ट इंचार्ज सह कार्यपालक अभियंता मधुरेश वर्मा काे रांची बुलाया गया है। रांची में इस मसले काे लेकर मंथन का दाैर जारी है।

दाे कंपनियों काे मिला था 8 लेन का काम

आठ लेन सड़क निर्माण का काम दाे ठेका कंपनी काे दिया गया था। काकाे मठ से विनाेद बिहार चाैक तक का काम जमशेदपुर की त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन काे दिया गया था, जबकि विनाेद बिहारी चाैक से गाेल बिल्डिंग तक सड़क निर्माण का काम हरियाणा की शिवालय कंस्ट्रक्शन काे दिया गया था। सरकार ने इस सड़क के निर्माण पर 18 जून काे राेक लगा दी थी। सरकार के आदेश पर ही 28 नवंबर से निर्माण कार्य फिर से शुरू हुआ। त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन ने उसी दिन से काम शुरू कर दिया था, लेकिन शिवालय ने अभी तक काम शुरू नहीं किया। उसे काम शुरू करने के लिए शाज के अधिकारी लगातार दवाब बना रहे थे। पर उसने काम करने से ही इंकार कर दिया। इस कंपनी द्वारा काम नहीं करने से 11 किलाेमीटर सड़क का निर्माण फिलहाल रुका रहेगा।

क्या पड़ेगा असर

  • सड़क का निर्माण निर्धारित समय पर पूरा नहीं हाेगा।
  • सड़क काे खाेद कर छाेड़ दिया गया है।
  • मरम्मत कार्य भी नहीं किया जा सकता है।
  • विश्व बैंक अपना सहयाेग राेक भी सकता है।

आगे क्या

  • सेवालय मान गया ताे काम शुरू हाे जाएगा।
  • फिर से टेंडर कराना पड़ेगा। पहले सर्वे हाेगा।
  • जितना काम हाे गया है उसका आंकलन करना हाेगा।
  • सरकार चाहे ताे त्रिवेणी काे भी काम दे सकती है।

शिवालय नहीं करेगा काम

आठ लेन का काम कर रही शिवालय कंस्ट्रक्शन ने काम करने से इंकार कर दिया है। उसने लिखित रूप से दे दिया है। उसने सरकार से डेमरेज चार्ज की भी मांग की है। कंपनी काे मनाने का प्रयास किया जा रहा है। काेई रास्ता निकाला जाएगा।''
संजय कुमार,एक्सपर्ट,शाज



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