एटीएम में पैसे फंसे तो गूगल से निकाला कस्टमर केयर नम्बर, फोन ठगों को लगा; ओटीपी भी बता दिया और खो दिए 4.70 लाख रुपए - AKB NEWS

एटीएम में पैसे फंसे तो गूगल से निकाला कस्टमर केयर नम्बर, फोन ठगों को लगा; ओटीपी भी बता दिया और खो दिए 4.70 लाख रुपए

साइबर अपराधियों ने गूगल पर पंजाब नेशनल बैंक के कस्टमर केयर का नंबर बदल दिया है। इस पर फोन करने पर साइबर अपराधियों ने लिंक भेज रिटायर शिक्षक कामेश्वर नाथ मिश्रा के बेटे शशि शेखर मिश्रा के खाते से 22 बार में कुल 470640 रुपए निकाल लिए। घटना शुक्रवार की है। इसके बाद उलीडीह कालिकानगर निवासी चॉकलेट कारोबारी शेखर मिश्रा ने बिष्टुपुर साइबर थाना में शिकायत की।

 शशि शेखर मिश्रा ने बताया- उन्हें एक कार खरीदनी थी। गुरुवार दोपहर दो बजे वे पीएनबी की मानगो शाखा के एटीएम से 25 हजार रुपए निकालने गए। पहली बार में एटीएम से 15 हजार रुपए निकाले। फिर 10 हजार रुपए निकालने का प्रयास किया।

लेकिन पैसे नहीं निकले और खाते से निकासी का मैसेज आ गया। वे शिकायत करने बैंक गए तो एक अधिकारी ने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर फोनकर शिकायत करने को कहा। उन्होंने गूगल (सर्च इंजन) पर पीएनबी कस्टमर केयर का नंबर खोजा तो 9883876148 नंबर मिला। उस नंबर पर शिकायत करने पर दूसरी ओर से एक लिंक भेजा गया। लिंक के जरिए एक वेब पेज खुला, जिसमें एटीएम नंबर, एटीएम पिन और खाता नंबर की जानकारी भरने को कहा गया।

 इसके बाद शुक्रवार सुबह 7.30 बजे मोबाइल नंबर 9883981141 से उनके पास फोन आया और पैसे वापस आने के बारे में पूछा गया। दोबारा सुबह 8 बजेे फोन आया और ओटीपी के बारे में पूछा गया। ओटीपी बताने के बाद खाते से 4.70 लाख रुपए की निकासी कर ली गई।

भास्कर अलर्ट- बैंकों का कस्टमर केयर नंबर 11 अंकों का, 10 का नहीं

साइबर ठगों ने कई बैंकों के फर्जी कस्टमर केयर का नंबर इंटरनेट पर डाला है। कई लोग इसके शिकार हो चुके हैं। लेकिन ग्राहकों को ध्यान रखना होगा कि बैंकों के कस्टमर केयर नंबर 11 अंकों के होते हैं, जो टोल-फ्री होते हैं। बैंकों की ओर से 10 अंकों वाला मोबाइल नंबर जारी नहीं किया जाता है।

एक्सपर्ट राय- समस्या होने पर सीधे बैंक जाएं, किसी के साथ ओटीपी शेयर न करें

पैसों के प्रति लापरवाह लोग ठगी के शिकार होते हैं। साइबर ठगों ने फर्जी लिंक बनाया है, जिसे फिशिंग कहते हैं। उक्त लिंक पर क्लिक करते ही साइबर ठग डाटा हैक कर लेते हैं। बैंक कभी भी किसी ग्राहक से ओटीपी या खाते से संबंधित जानकारी फोन पर नहीं मांगते। इससे संबंधित मैसेज भी बैंक ग्राहकों को नहीं भेजते। किसी कागजात की जरूरत होने पर बैंक में आकर जमा करने को कहा जाता है। समस्या होने पर लोग बैंक जाएं। ओटीपी, बैंक से जुड़ी जानकारी शेयर न करें।
आर. दयाल, रिटायर डीएसपी



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