सिडनी टेस्ट:टूटे अंगूठे से भी बल्लेबाजी करने को तैयार थे जडेजा, कहा- पेनकिलर लेकर खुद को मानसिक तौर पर तैयार किया - AKB NEWS

सिडनी टेस्ट:टूटे अंगूठे से भी बल्लेबाजी करने को तैयार थे जडेजा, कहा- पेनकिलर लेकर खुद को मानसिक तौर पर तैयार किया


 सिडनी टेस्ट में अंगूठे में चोट लगने के बाद रविंद्र जडेजा। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया सीरीज में 2 मैच में 85 की औसत से 85 रन बनाए। साथ ही 7 विकेट भी लिए।

टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले गए तीसरे टेस्ट में अंगूठा टूटने के बावजूद वह बैटिंग करने को तैयार थे। जडेजा ने कहा कि उन्होंने खुद को मानसिक तौर पर 10-15 ओवर बैटिंग करने के लिए तैयार कर लिया था। इसके लिए उन्होंने पेनकिलर इंजेक्शन भी लिया था। सिडनी टेस्ट को भारत ने ड्रॉ कराया था। टीम इंडिया ने चौथी पारी में 131 ओवर बल्लेबाजी की थी।

अंगूठा टूटने के बाद फील्डिंग के लिए नहीं उतरे जडेजा
जडेजा को भारत की पहली पारी में ही बैटिंग के दौरान अंगूठे में चोट लगी थी। इसके बाद वे मैदान पर गेंदबाजी करने के लिए नहीं उतरे थे। फ्रैक्चर निकलने के बाद उन्हें 6 हफ्ते के लिए रेस्ट करने को कहा गया। वे इंग्लैंड के खिलाफ 4 टेस्ट की घरेलू सीरीज में भी नहीं खेलेंगे। हालांकि, इन सभी के बावजूद वे सिडनी टेस्ट में बल्लेबाजी करने को तैयार थे।

चौथी पारी के लिए पहले से ही प्लान तैयार कर लिया था
स्पोर्ट्स टुडे से बातचीत करते हुए जडेजा ने कहा, 'मैंने प्लान बना लिया था कि कौन से शॉट लगाऊंगा और कौन से नहीं। जिस तरह के दर्द से मैं जूझ रहा था, मेरे लिए शॉट लगाना आसान नहीं होता। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों को लेकर भी प्लान तैयार था। मैंने टीम मैनेजमेंट से भी इस बारे में बात की थी कि बैटिंग के लिए तब ही उतरुंगा, जब यह तय हो जाएगा कि हम मैच नहीं हार रहे।'

विहारी और अश्विन ने शानदार बल्लेबाजी कर मैच बचाया
जडेजा ने कहा, 'चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे। मुझे तो एक समय लगा कि हम मैच जीत जाएंगे। हालांकि, पंत दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट हुए। इसके बाद परिस्थितियां बदल गईं। हमें ड्रॉ के लिए खेलना पड़ा। जिस तरह से रविचंद्र अश्विन और हनुमा विहारी ने बैटिंग की, वह हमारी मजबूती को दिखाता है। टेस्ट क्रिकेट में रन बनाना ही सब कुछ नहीं होता।'

भारत के लिए ज्यादा से ज्यादा स्कोर करना था
जडेजा ने कहा, 'पहली पारी में जब बॉल उनके अंगूठे पर लगा, तो वह चोट की गंभीरता को समझ नहीं पाए थे। मेरे दिमाग में भारत के लिए ज्यादा से ज्यादा रन स्कोर करना था। इसलिए मैं बैटिंग करता रहा। भारत की पारी खत्म होने के बाद जब दर्द कंट्रोल से बाहर हो गया, तो मैंने स्कैन कराया। अगर मुझे उस परिस्थिति में बैटिंग करने को मिलता, तो मैं जरूर करता।'

7 खिलाड़ी चोटिल थे, इसके बावजूद जीती टीम इंडिया
कोहली के पैटरनिटी लीव पर जाने और 7 खिलाड़ी चोट की वजह से सीरीज से बाहर होने के बावजूद टीम इंडिया ने टेस्ट सीरीज अपने नाम की। एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में भारतीय टीम दूसरी पारी में 36 रन पर ऑलआउट हो गई थी।

इसके बाद टीम ने वापसी करते हुए मेलबर्न में खेले गए बॉक्सिंग डे टेस्ट को 8 विकेट से जीता। सिडनी टेस्ट में 131 ओवर बल्लेबाजी कर मैच बचाया। इसके बाद ब्रिस्बेन टेस्ट जीतकर टीम इंडिया ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की।

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