अधिसूचना:सरकार की मुहर लगते ही नगर विकास विभाग ने जारी की अधिसूचना, शहरी जलापूर्ति की पूरी व्यवस्था नगर निगम के हवाले
- अभी विभाग करता है आपूर्ति, निगम देता है कनेक्शन व वसूलता है राजस्व
- इसके बाद वाटर सप्लाई व्यवस्था का सिंगल विंडो सिस्टम हो जाएगा
- झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 अब झारखंड नगरपालिका जल कार्य, जल अधिभार एवं जल संयोजन नियमावली 2020 के नाम से जाना जाएगा
- इसका विस्तार संपूर्ण झारखंड होगा
- नगर पालिका से अभिप्राय है राज्य सरकार द्वारा नगर पंचायत, नगर परिषद, नगर निगम, अधिसूचित क्षेत्र एवं अन्य शहरी स्थानीय निकाय
- वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर सप्लाई, पानी कनेक्शन देना एवं राजस्व वसूली लोकल बॉडी के जिम्मे होगा
झारखंड गठन के बाद से ही चल रहे प्रयास और मांग पर अंतत: राज्य सरकार ने मुहर लगा दी है। अब रांची समेत पूरे झारखंड की लोकल बॉडी नगर निगम, नगरपालिका को ही वाटर सप्लाई की पूरी व्यवस्था देखने होगी। बहुत जल्द इसे हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। इसको लेकर नगर विकास विभाग ने अधिसूचना आदेश जारी कर दिया है।
पहले की कई सरकारों के दौरान यह प्रयास हुआ कि लोकल बॉडी ही पूरी व्यवस्था हैंडओवर करे, मगर रांची नगर निगम मैनपावर नहीं होने का हवाला दिया। अब रांची नगर निगम समेत राज्य के सभी नगर निगम व नगरपालिका काे पूरी व्यवस्था हैंडओवर करने की बाध्यता हो जाएगी। इसके बाद वाटर सप्लाई व्यवस्था का सिंगल विंडो सिस्टम हो जाएगा। इससे सरकार के साथ-साथ आम आदमी को सुविधा होगी। पेयजल विभाग एवं लोकल बॉडी का हमेशा से चलने वाला विवाद समाप्त हो जाएगा।
नए नियम में ये बदलाव
पेयजल विभाग देखेगा केवल ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पेयजल एवं स्वच्छता विभाग अब ग्रामीण वाटर सप्लाई व पानी का मसला देखेगा। अब शहरी जलापूर्ति की केंद्रीय योजना या राशि सीधे नगर विकास विभाग या लोकल बॉडी को जाएगी। ग्रामीण वाटर सप्लाई की योजना एवं राशि पेयजल विभाग के पास आएगा।
पेयजल विभाग और निगम के बीच हमेशा रहा है विवाद
अभी पेयजल विभाग डैमों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, पाइप लाइन से वाटर सप्लाई और ऑपरेशन-मेंटेनेंस आदि देखता है। जबकि, शहरी आम उपभोक्ता को वाटर कनेक्शन देना और राजस्व वसूल करना नगर निगम का काम है। इसे लेकर दोनों में विवाद रहता है। विभाग जब निगम से पैसा मांगता है तो विभाग को नहीं देता है।
लोकल बॉडी हैंडओवर करने में करते रहे हैं आनकानी
पेयजल विभाग शुरू से ही लोकल बॉडी को पूरी व्यवस्था हैंडओवर करने की मांग करते आया है। मगर वे लोग ही इसे हैंडओवर करने में आना-कानी करते रहे हैं। लोकल बॉडी को पूरी व्यवस्था हैंडओवर करने को तैयार हैं। इससे विभाग को कोई दिक्कत या आपत्ति नहीं है।
-श्वेताभ कुमार, इंजीनियर इन चीफ, पीएचईडी


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