कैसे बढ़ाएं PSU का वैल्यूएशन:वित्त मंत्री को BJP ने दिए तीन सुझाव, पूंजी बाजार के खिलाड़ियों से लिया था फीडबैक - AKB NEWS

कैसे बढ़ाएं PSU का वैल्यूएशन:वित्त मंत्री को BJP ने दिए तीन सुझाव, पूंजी बाजार के खिलाड़ियों से लिया था फीडबैक


 

  • *BJP के सुझाव, कंपनियों की गैरजरूरी संपत्तियां बेची जाए, कॉरपोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाया जाए और सरकार बजट में विनिवेश के लक्ष्य का ऐलान न करे
  • *सरकारी कंपनियों के शेयरों की कीमत एक साल में 48% तक गिरी है जबकि इस दौरान प्रमुख शेयर सूचकांक मार्च के निचले लेवल से डबल हो चुके हैं
  • शेयर बाजार कोविड-19 के चलते आई गिरावट से उबर कर काफी ऊपर आ चुका है लेकिन इस दौरान सरकारी कंपनियों के वैल्यूएशन में काफी उतार-चढ़ाव आया है। ऐसे में विनिवेश या स्ट्रैटेजिक सेल के लिए उनकी वैल्यू बढ़ाने को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बीजेपी ने तीन सूत्री रणनीति अपनाने का सुझाव दिया है। बीजेपी ने पिछले महीने और इस महीने की शुरुआत में बजट से पहले की बातचीत में कैपिटल मार्केट पार्टिसिपेंट से फीडबैक जुटाए थे। पार्टी ने सरकारी कंपनियों का वैल्यूएशन बढ़ाने के लिए फाइनेंस मिनिस्टर के पास प्रेजेंटेशन भी दिया था।

    कंपनियों की संपत्ति बेचनी चाहिए और कॉरपोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाना चाहिए

    बीजेपी के आर्थिक मामलों के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा, ‘हमें जो फीडबैक मिला है उसके आधार पर हमने सरकारी कंपनियों का वैल्यूएशन बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री को कई तरीके अपनाने के सुझाव दिए हैं। उसमें पहला है कंपनियों की संपत्तियों को बेचना और दूसरा है, उनके कॉरपोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाना।’ अग्रवाल ने कहा, ‘तीसरा सुझाव यह था कि सरकार बजट में यह बताने से परहेज करे कि नए वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिए कितनी रकम जुटानी है। क्योंकि लक्ष्य की घोषणा किए जाने से कंपनियों के वैल्यूएशन पर गहरा असर होता है। अब देखने वाली बात यह है कि सरकार हमारी सिफारिशें किस हद तक मानती है।’

    बजट में विनिवेश के लक्ष्य के एलान से बाजार में शेयरों की सप्लाई बढ़ने का दबाव बनता है

    अग्रवाल ने सुझावों के पीछे की दलील समझाते हुए कहा कि टारगेट हासिल करने की हड़बड़ी दिखाना सही नहीं होता। उन्होंने कहा, ‘घाटे में चल रही कंपनी को मार्केट क्यों भाव देगा? जरा अहम शेयर सूचकांकों का स्तर और सरकारी कंपनियों के शेयरों के प्रदर्शन की तुलना करके देखिए।’

    एसेट मॉनेटाइजेशन, कॉरपोरेट गवर्नेंस से बने विनिवेश को लेकर समग्रता वाली रणनीति

    उन्होंने कहा कि सरकार को एसेट मॉनेटाइजेशन और कॉरपोरेट गवर्नेंस के जरिए विनिवेश को लेकर समग्रता वाली रणनीति अपनानी चाहिए। इसके अलावा बजट में विनिवेश के लक्ष्य का एलान नहीं किया जाना चाहिए। बजट में विनिवेश के लक्ष्य का एलान नहीं करने के सुझाव पर अग्रवाल ने कहा कि इससे बाजार में शेयरों की सप्लाई बढ़ने का दबाव बनता है। इसके अलावा विनिवेश प्रक्रिया में समय और जरूरत के हिसाब से बदलाव करने की सहूलियत खत्म हो जाती है।

    एक साल में PSU के शेयर 48% तक गिरे हैं जबकि प्रमुख शेयर सूचकांक डबल हो चुके हैं

    पिछले एक साल में सरकारी कंपनियों के शेयरों में 48 पर्सेंट तक की गिरावट आई है। इसके उलट प्रमुख शेयर सूचकांक कोविड-19 और लॉकडाउन के चलते मार्च में बने निचले लेवल से डबल हो चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि 24 दिसंबर को आई जेएम फाइनेंशियल की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीएसई का PSU इंडेक्स पाँच साल के औसत से लगभग 25-30 पर्सेंट नीचे चल रहा है। ऐसे में अगर डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के अधिकारी सरकारी कंपनियों की संपत्तियों को बेचने को लेकर सिर खपा रहे हैं तो इसमें किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

    सरकार ने किया था टीयर 2 और टीयर 3 शहरों के सात एयरपोर्ट को बेचने का फैसला

    पिछले साल अक्तूबर में सरकार ने टीयर 2 और टीयर 3 शहरों के सात एयरपोर्ट को बेचने का फैसला किया था। रेवेन्यू जुटाने के लिए सरकार ने उसके अलावा सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनियों की पेट्रोलियम पाइपलाइन को भी बेचने का मन बनाया था। सचिवों का कोर ग्रुप सरकारी कंपनियों के कारोबार के लिए गैरजरूरी संपत्तियों को बेचने की संभावना तलाश रहा है। उसने सभी मंत्रालयों और विभागों से संपत्तियों की बिक्री में तेजी लाने के लिए कहा है।

    LIC के IPO, AI, BPCL, SCI, BEML और कॉनकॉर के स्ट्रैटेजिक सेल की योजना नहीं हुई पूरी

    इस फाइनेंशियल ईयर में विनिवेश लक्ष्य हासिल करने के लिए LIC का IPO लाना और एयर इंडिया में स्ट्रैटेजिक सेल करना शामिल है। इसके अलावा भारत पेट्रोलियम लिमिटेड (BPCL), शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI), BEML, और कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR) में भी स्ट्रैटेजिक सेल होना है। लेकिन इनमें से किसी भी कंपनी के विविनेश से जुड़ी योजना अब तक पूरी नहीं हो पाई है।

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