शिक्षकों की अनूठी पहल, घरों की दीवारों को बना दिया किताब, ताकि बच्चे घर पर ही पढ़ाई कर सकें
दुमका के वनकाठी गांव स्थित सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने कोरोनाकाल में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की नायाब तरकीब निकाली है। गांव के सभी घरों की दीवारों को किताबें बना दी हैं, ताकि बच्चों पढ़ाई गई चीजेें दोहराते रहें। अभी काशीपाड़ा टोले के लगभग 30 घरों को चिह्नित कर दीवारों पर लर्निंग मेटेरियल की पेंटिंग की जा रही है।
प्रधानाचार्य श्याम किशोर सिंह गांधी ने कहा कि अब बच्चे स्कूल के साथ घर में भी पढ़ाई कर पाएंगे। स्कूल की दीवारों पर ए-बी-सी-डी, जोड़-घटाव की पेंटिंग की जा रही है।
वनकाठी मॉडल की नीति आयोग ने भी की सराहना
प्रधानाचार्य ने कहा कि वनकाठी स्कूल के मॉडल की भारत सरकार के नीति आयोग ने सराहना की है। कोरोना काल में भी शिक्षकों की इस पहल से बच्चों की पढ़ाई हमेशा जारी रही। कभी भी स्कूल को बंद नहीं रखा और बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के तहत स्कूल के शिक्षकों ने कोविड काल में लाउडस्पीकर से बच्चों को पढ़ाया। यह स्कूल पूरे झारखंड में चर्चा का विषय बन गया है।

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