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झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी की छठी सिविल सेवा परीक्षा के रिजल्ट को चुनौती देनेवाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस एसके द्विवेदी ने मामले से जुड़े सभी पक्षों को 17 फरवरी तक लिखित जवाब देनेे का आदेश दिया है। जेपीएससी के अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने कोर्ट को बताया कि जो न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स दिया गया है।
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों से 17 तक जवाब मांगा:छठी सिविल सेवा परीक्षा के नतीजे पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित: रांची
झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी की छठी सिविल सेवा परीक्षा के रिजल्ट को चुनौती देनेवाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस एसके द्विवेदी ने मामले से जुड़े सभी पक्षों को 17 फरवरी तक लिखित जवाब देनेे का आदेश दिया है। जेपीएससी के अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने कोर्ट को बताया कि जो न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स दिया गया है।
सारे विषयों के प्राप्तांक को मिलाकर न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स पर रिजल्ट निकाला जाता है। इसमें कहीं गड़बड़ी नहीं हुई है। जो आरोप लगाया गया है, वह बिल्कुल गलत है। वहीं याचिकाकर्ता का आरोप है कि रिजल्ट निकालने में नियमों की अनदेखी की गई है।
सरकार ने कहा- हमारे यहां माइग्रेशन का नियम नहीं
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि हमारे यहां माइग्रेशन का नियम नहीं है। आरक्षित श्रेणी के किसी छात्र का मार्क्स जब सामान्य श्रेणी के अनुसार होता है, तो उसका चयन सामान्य श्रेणी में ही हाेगा। सर्विस एलोकेशन के लिए उसे आरक्षित श्रेणी में नहीं भेजा जा सकता है।
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