कैसे होगी पढ़ाई:कोचिंग की डेढ़ घंटे की क्लास, आधे घंटे का टेस्ट, डाउट क्लियरिंग सेशन सब ऑनलाइन के 40 मिनट में सिमटा: रांची
- अगले सप्ताह जेई मेन और मई से सीबीएसई व जैक बाेर्ड के एग्जाम
- कोचिंग नहीं खुले तो बच्चों का हो सकता है रिजल्ट प्रभावित
- जल्द कोचिंग संस्थान नहीं खुले तो पिछड़ जाएंगे स्टूडेंट्स, राज्य के 650 काेचिंग संस्थानों में 4 लाख विद्यार्थी करते हैं तैयारी
कोरोना के कारण मार्च 2020 से ही शहर समेत राज्य के सारे कोचिंग संस्थान बंद हैं। कुछ इंस्टीट्यूट ऑनलाइन माध्यम से क्लास ले रहे हैं। कई अभी बंद हैं। इधर, 10वीं और 12वीं के बाेर्ड एग्जाम की डेटशीट जारी हाे चुकी है। 4 मई से एग्जाम हैं। 23 फरवरी से जेईई मेंस 2021 का पहला सत्र हाेना है। इसके बाद 15 मार्च, 27 अप्रैल और 24 मई से जेईई मेंस के अन्य तीनाें सत्र के एग्जाम हाेने हैं। 3 जुलाई काे जेईई एडवांस भी हाेगा।
न्यूटन कोचिंग के निदेशक पंकज सिंह ने कहा कि यह वक्त स्टूडेंट्स के लिए काफी महत्वपूर्ण है। कोचिंग की डेढ़ घंटे की क्लास, आधे घंटे का टेस्ट, डाउट क्लियरिंग सेशन सब ऑनलाइन के 40 मिनट में सिमट गया है। पहले कोचिंग में मॉक टेस्ट के माध्यम से परीक्षा हॉल जैसा माहौल तैयार किया जाता था, ताकि छात्र एग्जाम में नर्वस न हों। राज्य के 650 काेचिंग संस्थानों में 4 लाख विद्यार्थी तैयारी करते हैं। रांची में ही करीब 300 संस्थान हैं। राज्य भर में टीचिंग-नाॅन टीचिंग मिलाकर करीब 50 हजार से ज्यादा लाेगाें के रोजगार पर भी असर पड़ा है।
कोचिंग नहीं खुलने से बच्चों पर असर
- 1 घंटे तक माेबाइल में पढ़ने से आंखें खराब हाे रहीं, ऑनलाइन क्लास में वे सवाल नहीं पूछते।
- लिखने की प्रैक्टिस समाप्त हाे रही, टेस्ट में अधिकांश बच्चे किताबाें का ले रहे हैं सहारा।
- दिन भर ऑनलाइन स्कूल के बाद दाेबारा ऑनलाइन काेचिंग से बच्चे हाे रहे माेबाइल एडिक्ट।
- बच्चे दूसरे बच्चाें के साथ पढ़ते हैं ताे जल्दी समझते हैं, ऑनलाइन में अकेले पढ़ने से परफाॅरमेंस खराब हाे रहा।
कोचिंग नहीं खुलने से टीचर्स की परेशानी
- काेचिंग में 2 घंटे की क्लास, डेढ़ घंटा पढ़ाई, आधा घंटा टेस्ट, ऑनलाइन में टेस्ट नहीं केवल 40 मिनट की हो रही पढ़ाई।
- आई कांटेक्ट नहीं हाेने से सभी बच्चाें पर ध्यान रखना मुश्किल, बच्चे पढ़ते नहीं उन्हें पढ़ाना पड़ता है, ऑनलाइन में यह काम मुश्किल।
- सिलेबस कवर कराने के बाद प्रैक्टिस के अभाव में बच्चे पुरानी पढ़ाई भूल रहे, नेटवर्क प्राेब्लम के कारण भी पढ़ाई बाधित।
कोचिंग खोलने की अनुमति नहीं मिलने पर शहर के इंस्टीट्यूट संचालकों ने कहा
अभी का समय रिवीजन और टेस्ट का है
परीक्षा बिल्कुल नजदीक है। अभी का समय रिवीजन व क्लास टेस्ट का होता है। कई जगहों पर स्टूडेंट्स काे यह बेनीफिट मिल रहा है। पहले क्लासरूम में मॉक टेस्ट के माध्यम से एक परीक्षा हॉल जैसा माहौल तैयार किया जाता था।-पारस अग्रवाल, डायरेक्टर, ब्रदर्स एकेडमी
कोचिंग नहीं खुलने से स्टूडेंट्स पिछड़ रहे हैं
जेईई, नीट नेशनल लेवल पर होगा। कुछ राज्यों में कोचिंग खुल जाने से स्टूडेंट्स अपने शिक्षक से इंटरैक्ट कर के अपने डाउट क्लियर कर पा रहे हैं। ऐसे में हमारे यहां के स्टूडेंट्स पिछड़ सकते हैं। रोजगार पर भी असर पड़ रहा है।-पंकज सिंह, डायरेक्टर बायाेम
कोचिंग बंद होने से हॉस्टल व लॉज भी ठप
अभी जो छात्र-छात्राएं एग्जाम देने वाले हैं, उन्हें वन टू वन इंट्रैक्शन नहीं होने के कारण कांफिडेंस लेवल में कमी आ सकती है। पिछले कई माह से ऑनलाइन क्लास चल रही हैं, पर इंडिविजुअल केयर नहीं हो पाया है। संस्थान की आर्थिक हाल भी खराब हुई है।-मनीष सिन्हा, डायरेक्टर, चैंप स्क्वायर
आनेवाले समय पर रिजल्ट पर पड़ेगा असर
11 महीना के आनॅलाइन क्लास के कारण बच्चों के बाैद्धिक, तार्किक, लैखिक और मानसिक स्थिति को काफी प्रभावित किया है। अगर यह व्यवस्था खत्म नहीं हाेती है तो इसका असर आने वाले परीक्षाओं के परिणाम में नजर आएगा।-एस रिंकू, डायरेक्टर, मेधावी
सबकुछ खुला, अब स्कूल और काेचिंग भी खाेले सरकार
काेराेना का असर अब कम हाे रहा है। सारी चीजें खुल रहीं हैं। हवाईयात्रा, रेल और शादी सबकुछ हाे रहा है, ऐसे में स्कूल और काेचिंग बंद क्याें? सरकार इन्हें भी जल्द खाेले। काेचिंग खुलने से लाेगाें काे राेजगार मिलेगा, छात्राें की पढ़ाई हाेगी। पटना, राजस्थान, काेटा सभी जगह काेचिंग खुले, यहां भी सरकार जल्द निर्णय ले।
-अजय राय, अध्यक्ष, पैरेंट्स एसोसिएशन


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