बेहतर शिक्षा की आस:आईआईएम से ट्रेंड होंगे 80 मॉडल स्कूलों के शिक्षक, बच्चों के लिए लैंग्वेज लैब; सभी पंचायतों में खुलेंगे मॉडल स्कूल: रांची - AKB NEWS

बेहतर शिक्षा की आस:आईआईएम से ट्रेंड होंगे 80 मॉडल स्कूलों के शिक्षक, बच्चों के लिए लैंग्वेज लैब; सभी पंचायतों में खुलेंगे मॉडल स्कूल: रांची


 

  • घोषित मॉडल स्कूलों में से 27 की निविदा की प्रक्रिया शुरू हो चुकी
  • सीएम ने अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पंचायत स्तर पर मॉडल स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया
  • शिक्षा विभाग राज्य में जिन 80 स्कूलों को मॉडल बना रहा है, उनके हेडमास्टर और शिक्षक आईआईएम में प्रशिक्षित हाेंगे। पठन-पाठन क्षमता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए आईआईएम के अलावा एक्सएलआरआई, एनसीईआरटी, एनईआईपी जैसी संस्थाओं से भी प्रशिक्षण की योजना है। विषयवार छात्र केंद्रित अध्यापन के लिए नियमित रूप से शिक्षक प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी।

    बच्चों को अंग्रेजी बोलने की क्षमता विकसित करने के लिए एनसीईआरटी, एनईआईपी का सहयोग लिया जाएगा। स्कूलों में लैंग्वेज लैब की स्थापना के साथ स्पोकेन इंग्लिश कोर्स तैयार किया जएगा। यहां के बच्चे लैंग्वेज लैब में अंग्रेजी सीख सकेंगे। घोषित मॉडल स्कूलों में से 27 की निविदा की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    उद्देश्य...सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के प्लेटफार्म पर लाना

    मुख्यमंत्री ने अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पंचायत स्तर पर मॉडल स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के प्लेटफार्म पर लाया जाए तथा इसमें एडमिशन कराने के प्रति अभिभावकों और बच्चों को आकर्षित किया जाए। दूसरे चरण में 500 स्कूलों और तीसरे चरण में सभी पंचायतों में मॉडल स्कूल खोलने का शिक्षा विभाग का प्रयास है। इन स्कूलों की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कर रहे हैं।

    सीबीएसई से एफिलिएटेड होंगे ये सभी मॉडल स्कूल

    इन सभी मॉडल स्कूलों को सीबीएसई से संबद्धता दिलाई जाएगी। इस तरह पहले चरण में 80 स्कूल मॉडल स्कूल के रूप में विकसित होंगे। भविष्य में योजना का विस्तार करते हुए राज्य के लाखों बच्चों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है।

    मेधा के अनुरूप बच्चों के लिए होगी चयन परीक्षा

    इन स्कूलों में 12वीं तक की पढ़ाई होगी। एक हजार से 1200 छात्रों को पढ़ाने की योजना है। बच्चों का चयन उनकी मेधा के अनुरूप टेस्ट लेकर किया जाएगा। प्रारंभिक कक्षाओं के लिए स्कूल के निकट रहने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जा सकती है।

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