स्पीकर न्यायाधिकरण में दल-बदल मामले की सुनवाई:बाबूलाल का आग्रह- चारों दर्ज मामले एक साथ जोड़े जाएं, समय बचेगा: रांची
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने दल-बदल मामले में सोमवार को न्यायाधिकरण में सुनवाई शुरू की। बाबूलाल मरांडी के खिलाफ दर्ज चार मामलों पर 10वीं अनुसूची के तहत स्पीकर ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। प्रतिवादी बाबूलाल की ओर से अधिवक्ता आरएन सहाय ने आग्रह किया कि न्यायाधिकरण में दर्ज चारों मामले एक नेचर के हैं। इसलिए सबको एक साथ ही जोड़ा जाए।
चुनाव आयोग ने झाविमो के भाजपा में विलय को स्वीकर कर लिया है। हम हड़बड़ी में नहीं हैं। इसलिए हम इस मामले में बहस करने और गवाही दिलवाने को भी तैयार हैं। वहीं वादी पक्ष बंधु तिर्की व प्रदीप यादव की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने कहा कि विलय रोकने का अधिकार सिर्फ स्पीकर को है।
चुनाव आयोग ने सिर्फ सिंबल जब्त किया है : गाड़ोदिया
वादी पक्ष विधायक बंधु तिर्की और प्रदीप यादव की ओर से उनके अधिवक्ता सुमित गाड़ाेदिया ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा किसी दल के विलय का मामला तय नहीं किया जा सकता, यह स्पीकर का विशेषाधिकार है। आयोग ने सिर्फ सिंबल जब्त किया है। विलय के मामले में सुप्रीम काेर्ट का भी निर्णय है, जिसमें विलय के लिए दाे तिहाई विधायकों का हाेना जरूरी है।
जबकि प्रतिवादी पक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से उनके अधिवक्ता आरएन सहाय का कहना था कि चुनाव आयोग ने बाबूलाल मरांडी काे मान्यता दी है। आयोग ने उनकी पार्टी झाविमाे (प्र.) का विलय भाजपा में मानकर झाविमाे के सिंबल काे जब्त कर लिया है।
जनता काे धाेखा दिया, इसलिए बाबूलाल की सदस्यता रद्द हाे
न्यायाधिकरण में अपना पक्ष रखने आए शिकायतकर्ता धनवार विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि उन्हें तीन बातें रखनी हैं। पहली बात ताे यह है कि जेवीएम (पी) के टिकट पर झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में तीन लाेगाें बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव और बंधु तिर्की जीत कर आए।
दाे विधायकों की सहमति के बिना ही बाबूलाल मरांडी भाजपा में चले गए। जबकि 10वीं अनुसूचित में दाे तिहाई विधायक के बिना किसी दल में विलय नहीं कर सकते। बाबूलाल मरांडी ने दल परिवर्तन कर संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ काम किया है। यह कानून देश की संसद ने बनाया था, इसलिए बाबूलाल मरांडी ने संसद और देश के लाेगाें का अपमान किया है।
बाबूलाल मरांडी ने दल बदल करके धनवार की जनता के साथ भी विश्वासघात किया, इसलिए इनकी सदस्यता रद्द की जाए। राजकुमार ने स्पीकर से कहा कि आप न्याय निर्णय की कुर्सी पर हैं, इसलिए न्याय करें।
3.30 घंटे चली सुनवाई
- दाेपहर बारह बजे से 3.38 तक बारी- बारी से चारों मुकदमाें की सुनवाई हुई
- दाेपहर 12.04 बजे से 12.10 तक भूषण तिर्की बनाम बाबूलाल मामले की सुनवाई
- दाेपहर 01.06 बजे से 01.22 तक बंधु -प्रदीप यादव बनाम मरांडी का मुकदमा सुना।
- दाेपहर 02.05 बजे से 02.07 तक दीपिका सिंह बनाम बाबूलाल का मामला सुना।
- दाेपहर 03.32 बजे से 03.38 तक राजकुमार बनाम मरांडी के केस की हियरिंग।


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