भास्कर नॉलेज:क्या है NDRF जो हर आपदा में बचाव कार्य के लिए रहती है तत्पर, पढ़ें इस हफ्ते के फुल फॉर्म और उससे जुड़ी जरूरी बातें - AKB NEWS

भास्कर नॉलेज:क्या है NDRF जो हर आपदा में बचाव कार्य के लिए रहती है तत्पर, पढ़ें इस हफ्ते के फुल फॉर्म और उससे जुड़ी जरूरी बातें


 दैनिक जीवन में हम कई ऐसे शब्दों से दो चार होते हैं, जिनका शाॅर्ट फाॅर्म तो हमें पता होता है पर फुल फॉर्म नहीं। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अक्सर फुल फॉर्म के प्रश्न आते हैं। इस सीरीज में 5 ऐसे फुल फॉर्म दिए गए हैं, जो आम लोगों के साथ ही कॉम्पिटेटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए भी उपयोगी हैं।

एडिशनल नॉलेज- इस एक्ट के तहत नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले सेक्सुअल हैरेसमेंट, सेक्सुअल असॉल्ट और पोर्नोग्राफी के मामलों में कार्रवाई की जाती है। इस एक्ट को साल 2012 में लागू किया गया था,ताकि बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों का ट्रायल आसान हो सके और अपराधियों को जल्द सजा मिल सके। यह कानून लड़के और लड़की को समान रूप से सुरक्षा प्रदान करता है।

इस कानून के तहत आने वाले मामलों की सुनवाई विशेष अदालत में होती है। इस एक्ट में 18 साल से कम उम्र वाले को बच्चे की कैटेगरी में रखा जाता है। 2012 से पहले बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को लेकर कोई खास नियम-कानून नहीं था।

एडिशनल नॉलेज- नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) एक नागरिक सुरक्षा पुलिस बल है, जिसका गठन डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत किया गया। यह आपातकाल या आपदा के समय होने वाली परेशानियों को दूर करने की विशेषता रखते है। इस फोर्स को हर तरह की परिस्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है। यह बाढ़, तूफान, भूकंप इत्यादि प्राकृतिक आपदाओं में लोगों की सहायता करता है।

साल 2006 में आठ बटालियनों के साथ NDRF को गठित किया गया था। यह एक पैरामिलिट्री लाइंस फोर्स है, जिसमें 12 बटालियन होती है। इसमें तीन BSF, दो CRPF दो CIPF, दो ITBP और दो SSB की बटालियन होती है।

एडिशनल नॉलेज- राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की स्थापना 5 मार्च 2007 में हुई थी। इसकी स्थापना राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 के तहत बच्चों को दिए गए अधिकारों जैसे समानता, 6 से 14 साल की उम्र तक के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा, बाल मजदूरी पर रोक आदि की निगरानी के लिए हुई थी।

आयोग का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि समस्त कानून, नीतियां कार्यक्रम तथा प्रशासनिक तंत्र बाल अधिकारों के अनुरूप हों, जैसा कि भारत के संविधान और साथ ही संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार सम्मेलन (कन्वेशन) में निर्धारित किया गया है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों के अधिकारों का संरक्षण किया जाता है।

एडिशनल नॉलेज- अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN), प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए समर्पित एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। इसका मकसद दुनियाभर की सबसे विकट पर्यावरण और विकास संबंधी चुनौतियों के लिए व्यावहारिक समाधान खोजने में सहायता करना है। यह विभिन्न संरक्षण संगठनों से मिली जानकारी के आधार पर “रेड लिस्ट” जारी करता है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा संकटग्रस्त प्रजातियों को दर्शाती है।

IUCN की सूची में 1,05,732 प्रजातियों का आंकलन किया गया है, जिसमें से 28,338 प्रजातियों पर विलुप्ति का खतरा मंडरा रहा है। कुल मूल्यांकन में से 873 पहले से ही विलुप्त हैं।

एडिशनल नॉलेज- स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉफी (SMA) वह बीमारी है, जिसमें शरीर में प्रोटीन बनाने वाला जीन नहीं होता। इससे मांसपेशियां और तंत्रिकाएं (Nerves) खत्म होने लगती हैं। दिमाग की मांसपेशियों की एक्टिविटी भी कम होने लगती है। चूंकि मस्तिष्क से सभी मांसपेशियां संचालित होती हैं, इसलिए सांस लेने और भोजन चबाने तक में दिक्कत होने लगती है। SMA कई तरह की होती है, लेकिन इसमें Type 1 सबसे गंभीर है।

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