झारखंड में 5 लाख रोजगार की तैयारी:सरकार ने झारखंड के उद्यमियों के साथ की चर्चा, नई उद्योग नीति में बदलाव की दी जानकारी: रांची - AKB NEWS

झारखंड में 5 लाख रोजगार की तैयारी:सरकार ने झारखंड के उद्यमियों के साथ की चर्चा, नई उद्योग नीति में बदलाव की दी जानकारी: रांची


 दिल्ली के बाद सोमवार को रांची में इंडस्ट्रीयल पॉलिसी 2021 के लिए स्टेक होल्डर्स मीट का आयोजन किया गया। इसमें झारखंड के उद्यमी शामिल हुए। कार्यक्रम में उद्योग सचिव पूजा सिंघल ने बताया कि नयी नीति से 5 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। साल 2016 की पॉलिसी से 2021 की पॉलिसी में कई बदलाव किय गये है। ये बदलाव अनुदान पर हैं।

 उन्होंने बताया कि पॉलिसी के तहत किसी भी जिले में पहली दो यूनिट होने पर पांच फीसदी सब्सिडी सरकार देगी। नीति लागू होने के दो साल में लगने वाले उद्योगों को 10 फीसदी अतिरिक्त अनुदान सरकार देगी। मध्यम उद्योगों के लिए 20 फीसदी की जगह 25 फीसदी अनुदान मिलेगी, जो 30 करोड़ रुपये तक होगी। वृहत उद्योगों के लिए भी अनुदान राशि इतनी ही होगी. जो 2016 की नीति के तहत 20 करोड़ का प्रावधान है।

बंद पड़े 634 उद्योंगों को खोलेगी सरकार
पूजा सिंघल ने कहा कि सरकार की दूसरी वर्षगांठ के पहले तक बंद बड़े उद्योगों को खोलना है। विभाग इस दिशा में काम कर रहा है। ऐसे उद्योगों की संख्या 634 है, जिन्हें विभाग ने चिन्हित किया है। उन्होंने कहा कि नए निवेश से ज्यादा जरूरी है कि पुराने निवेश को बढ़ावा मिले।

इलेक्ट्रॉनिक व्हेकिल में 206 बिलियन डॉलर निवेश का लक्ष्य
निदेशक जीतेंद्र कुमार सिंह ने पॉलिसी की नई खूबियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पॉलिसी का मुख्य फोकस एग्रो फूड, इलेक्ट्रॉनिक, व्हेकिल इंडस्ट्रीज, फार्मास्यूटिकल के लिए अलग से प्रावधान है। उन्होंने बताया कि राज्य में इलेक्ट्रॅनिक व्हेकिल के लिए 206 बिलियन यूएस डॉलर निवेश का लक्ष्य रखा गया है। जो आनेवाले साल में 280 बिलियन होने की संभावना है।

बिजली की सम्सया का बताया समाधान
उद्योगों के लिए बिजली सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है। ऐसे में चतरा में जल्द ही एनटीपीसी की ईकाई शुरू होनेवाली है। वहीं अन्य कंपनियों की ईर्काइयां भी शुरू होंगी। जिससे बिजली की समस्या का निदान होगा।

औद्योगिक पार्कों की जानकारी दी
इस दौरान अलग-अलग उद्योगों के पार्क की जानकारी दी गई। फार्मास्यूटिकल पार्क 35 एकड़ में बरही, चान्हो और बिजुपाड़ा में बन कर तैयार है। प्लास्टिक पार्क का काम लगभग पूरा है, जो देवघर में 93 एकड़ में बन रहा है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर आदित्यपुर में बनेगा। इसके लिए 82.49 एकड़ जमीन, लेदर पार्क के लिए 34 एकड़ जमीन है।


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