उत्सवों की बहार:आज अश्विनी नक्षत्र व अमृत योग में घट स्थापना के साथ चैत्र नवरात्र का शुभारंभ, 25 से गूजेंगी शहनाइयां : रांची
चैत्र नवरात्र मंगलवार से शुरू हो रही है। इस बार नवरात्रि अश्विनी नक्षत्र से शुरू होगी, जो 27 नक्षत्रों में सबसे पहला नक्षत्र है। इस दिन से नव संवत्सर प्रारंभ होगा। यानी हिंदू नववर्ष शुरू हाेगा। इसी दिन गुड़ी पड़वा भी मनाया जाता है। दक्षिण भारत में उगादी पर्व मनाया जाएगा। अमृत योग में नवरात्रि का प्रारंभ अत्यंत शुभ फलदायी और समृद्धि कारक रहेगा।
इस बार दुर्गाष्टमी 20 अप्रैल को और रामनवमी 21 को है। इस दिन विशेष रूप से हवन इत्यादि करके दोपहर में राम जन्मोत्सव मनाने का प्रावधान होगा। इस बार की रामनवमी पुष्य नक्षत्र में पड़ रही है, जो अत्यंत शुभ है। 23 अप्रैल को श्रीकामदा एकादशी है। इस दिन विष्णु का पूजन-व्रत श्रेष्ठ होगा। इसके बाद 24 अप्रैल को शनि प्रदोष और वामन द्वादशी है। इस दिन शनिदेव का तिल के तेल से अभिषेक और भगवान विष्णु का पूजन लाभदायक होगा। 27 अप्रैल को सिद्धि और ध्वज योग में हनुमान जयंती मनाई जाएगी। हनुमानजी को चोला चढ़ाना और ध्वजा अर्पित करना श्रेष्ठ होगा।
नवरात्रि पर कलश स्थापना का विशेष मुहूर्त
वृषभ लग्न का मुहूर्त
सुबह 7:33-9:32 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:36-दोपहर 12:24 बजे तक।
सिंह लग्न का मुहूर्त
दोपहर 2:00 से 4:10 बजे तक रहेगा।
रात्रिकालीन मुहूर्त
रात 8:32 से 10:47 बजे तक रहेगा।
13 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही और 19 तारीख को शुक्र ग्रह के उदय होने के साथ ही विवाह के मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। इस वर्ष अप्रैल से दिसंबर तक शादी के 31 मुहूर्त हैं।
अप्रैल में 25, 26, 27 और 30 काे मई में 2, 7, 8, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 29 और 30 काे जून में 4, 5, 18, 20, 26 और 30 काे जुलाई में 1 और 2 को देवशयनी एकादशी 20 जुलाई को होने के कारण इसके बाद विवाह के मुहूर्त नहीं होंगे। नवंबर में 20 तारीख से फिर से विवाह के मुहूर्त प्रारंभ होंगे। 20, 21, 28 और 30 तक रहेंगे।
दिसंबर में 1, 7, 11 और 13 काे जनवरी में 22 और 23 काे फरवरी में 5, 6, 10 और 18 काे यह आखिरी मुहूर्त होगा। इसके बाद अगले संवत्सर में मुहूर्त होंगे। इधर, अप्रैल व मई में होने वाले वैवाहिक आयोजनों को कोरोना के चलते कई परिवारों ने फिलहाल टाल दिए हैं।


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