खुलने लगी प्रशासन की तैयारियों की पोल...स्थिति गंभीर:रिम्स और सदर अस्पताल में अब सिर्फ 95 बेड ही खाली, 12 निजी अस्पतालों में 68 बिस्तर उपलब्ध रांची लेखक: अमन कुमार
राजधानी में कोरोना बेकाबू हो रहा है। इसके साथ ही प्रशासनिक तैयारियों की भी पोल खुलने लगी है। सरकारी व निजी अस्पतालों में बेड की कमी हो गई है। मंगलवार काे भास्कर ने रिम्स, सदर और सीसीएल अस्पताल समेत शहर के 12 निजी अस्पतालाें में बेड की पड़ताल की। जानकारी मिली कि केवल देवकमल अस्पताल में 11 बेड खाली हैं, जबकि अन्य 11 में 10 से कम बिस्तर ही उपलब्ध हैं।
रिम्स और सदर अस्पताल में 95 और सीसीएल अस्पताल में 25 बेड खाली हैं। जबकि 3 दिन पहले निजी अस्पतालाें में 95 बेड उपलब्ध थे, जाे अब घटकर 68 हैं। हालांकि प्रशासन ने कमी काे दूर करने का प्रयास शुरू किया है। रिम्स प्रबंधन ने डेंगू वार्ड को काेविड वार्ड में बदल दिया है। वहीं सदर अस्पताल के निर्माणाधीन भवन के तीसरे तल्ले काे एक सप्ताह में एक्टिव करने का निर्देश डीसी ने दिया है।
यह भी जानें
डायबिटीज मरीजाें काे दाेबारा हाे रहा कोरोना, घटने के बजाए बढ़ रहा सिटी वैल्यू
परेशानी के कारण
1. सरकारी टेस्ट लैब से 5 से 6 दिनाें में आ रही जांच रिपाेर्ट, वहीं अब प्राइवेट लैब भी दाे से तीन दिन का लग रहा समय
2. संक्रमितों के घराें काे किया जा रहा सील पर निगम नहीं कर रहा सेनेटाइज, कचरा उठाने भी नहीं आ रहे कर्मी
ये बेहद जरूरी... मास्क, सेनिटाइजर और साेशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, थाेड़ी भी तबीयत खराब लगे ताे तत्काल टेस्ट कराएं, घर में आइसाेलेट हाें, रिपाेर्ट आने तक घर से नहीं निकलें, घरेलू उपचार लेते रहें। बच्चाें काे घर से बाहर पूरी एहतियात के बाद ही भेजें।
खतरा बरकरार...
संक्रमण की रफ्तार ऐसे ही बढ़ती रही ताे जिम, पार्क, रेस्टाेरेंट, शादी समाराेह पर पाबंदी, स्कूल-काॅलेज काे दाेबारा बंद करने जैसे सख्त निर्णय लिए जा सकते हैं।
अस्पतालों में उपलब्ध बेड की स्थिति
अस्पताल बेड खाली
रिम्स 118 25
सदर अस्पताल 130 70
सीसीएल अस्पताल 60 25
मेडिका अस्पताल 50 05
मेदांता अस्पताल 40 09
ऑर्किड अस्पताल 35 00
सैमफोर्ड अस्पताल 40 10
राज अस्पताल 46 00
आलम नर्सिंग होम 10 10
सेंटेविटा अस्पताल 10 01
गुरुनानक अस्पताल 40 08
मां रामप्यारी अस्पताल 18 06
देवकमल अस्पताल 20 11
रिंची ट्रस्ट अस्पताल 08 06
सेवा सदन अस्पताल 24 02
तैयारी... कोरोना का कहर देखते हुए सदर अस्पताल में 50 ऑक्सीजन बेड बढ़ेंगे
डीसी छवि रंजन ने रविवार को सदर अस्पताल में तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने नए भवन में धीमी गति से हो रहे कंस्ट्रक्शन काम के लिए एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से नाराजगी जताई। पूछा- कितने दिन में हॉस्पिटल में नया कोविड फ्लोर तैयार होगा। इंजीनियर ने कहा- 12 से 15 दिन का समय लगेगा। डीसी ने कहा कि इतना समय नही है।
ठेकेदार और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को उन्होंने तीसरे तल्ले में 50-60 बेड ऑक्सीजन के साथ जल्द से जल्द तैयार करने का निर्देश दिया। इससे पहले उन्होंने जांच केंद्रों पर मौजूद सुरक्षा बलों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कराने पर फटकार लगाई। लोगों से गाइडलाइन का पालन करने को कहा।
ऑक्सीजन व आईसीयू बेड की कमी नहीं: डॉ विजय
सिविल सर्जन डॉ विजय बिहारी प्रसाद ने बताया कि 60 आईसीयू और 58 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं। हॉस्पिटल में बेड की संख्या को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का ध्यान आईसीयू और ऑक्सीजन बेड की संख्या को बढ़ाने पर है। फिलहाल पर्याप्त मात्रा में आईसीयू बेड हैं।
एसिम्प्टोमैटिक मरीजों के लिए खेलगांव में 600 बेड
उपायुक्त छवि रंजन ने कहा कि खेलगांव आइसोलेशन सेंटर में 600 बेड से अधिक की व्यवस्था की जा चुकी है। आज के समय में जो एसिम्प्टोमैटिक मरीज हैं, वे होम आइसोलेशन को प्राथमिकता दे रहे हैं।जिला प्रशासन ने होम आइसोलेशन की निगरानी करना शुरू कर दी है।
इधर, रिम्स प्रबंधन ने 20 बिस्तर वाले डेंगू वार्ड को बनाया कोविड आइसोलेशन वार्ड
रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ डीके सिन्हा ने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 98 बेड में और 20 बेड बढ़ा दिए गए है। डेंगू वार्ड को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। सोमवार से यहां संक्रमितों को एडमिट किया जाएगा। मरीजों की संख्या बढ़ेगी, तो पहले की तरह मेडिसिन के डी 1 और डी 2 वार्ड में भी 72 बेड पर मरीजों को भर्ती किया जाएगा। इसके बाद सर्जरी के डी 1 और डी 2 वार्ड में भी 72 बेड बढ़ा दिए जाएंगे।
डीसी की संचालकों संग बैठक
निर्देश...सरकार ने जो शुल्क तय किया है, उतना ही मरीजों से लें निजी अस्पताल, वरना कार्रवाई
कोरोना की लहर को देखते हुए डीसी छवि रंजन ने रविवार को राजधानी के निजी अस्पताल संचालकों व प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने से सभी से राज्य सरकार की गाइडलाइन का पालन करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोविड 19 मरीजों के इलाज के लिए जो शुल्क निर्धारित किया, उतनी ही लें। मामूली, गंभीर और अति गंभीर मरीजों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। इससे अधिक लेने पर कार्रवाई की जाएगी।
निजी अस्पतालों के लिए निर्धारित दरें
- नेशनल एक्रिडिएशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में नन क्रिटिकल, बिना लक्षण वाले मरीज, जो सामान्य वार्ड में भर्ती होंगे, उनसे अस्पताल प्रतिदिन अधिकतम 6 हजार रुपए (पीपीई किट समेत) चार्ज कर सकेंगे।
- जिन्हें आइसोलेशन में रखने की जरूरत होगी, सपोर्टिव केयर और ऑक्सीजन सप्लाई की आवश्यकता पड़ सकती है, उनसे प्रतिदिन अधिकतम 10 हजार रुपए(पीपीई किट के 1200 रुपए समेत) चार्ज कर सकते हैं।
- गंभीर रूप से बीमार जिन्हें आइसीयू में रखना पड़े, लेकिन वेंटिलेटर की जरूरत नहीं हो तो ऐसे मरीज से अधिकतम 15 हजार रुपए (पीपीई किट के 2000 रुपए समेत) चार्ज कर सकते हैं।
- बेहद गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति, जिसे आइसीयू में वेंटिलेटर पर रखा जाता है, उससे अधिकतम 18 हजार रुपए ले सकेंगे।
- एनएबीएच से गैर-मान्यताप्राप्त अस्पताल सामान्य रोगियों से 5500 रुपए, आइसोलेशन की जरूरत वाले मरीजों से अधिकतम 8 हजार रुपए चार्ज ले सकते हैं
- गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति, जिसे बिना वेंटिलेटर के आईसीयू में रखना पड़े उससे अधिकतम 13 हजार रुपए लिया जा सकता है
- बेहद गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति जिसे आइसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़े उससे अधिकतम 15 हजार रुपए चार्ज किया जा सकता है।


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