सरकार की चिंता बढ़ा दी:काेराेना मरीजाें का शुगर रेनल फंक्शन टेस्ट जरूरी : धनबाद
राज्य में बढ़ रहे ब्लैक फंगस (म्युकरमायकोसिस) के मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस संक्रामक रोग के बारे में सभी जिलों को एलर्ट किया है। इस बीमारी से बचाव के लिए सतर्कता बरतने, मरीजों की पहचान के लिए समय पर जरूरी जांच कराने की सलाह दी गई है।
किसी मरीज में फंगल इन्फेक्शन पाए जाने की स्थिति में उपचार की प्रक्रिया और दवाएं भी तय कर दी गई हैं। झारखंड के कई जिलों में कोविड मरीजों में ब्लैक फंगस पाया गया। अब तक कई मरीजों की जान भी जा चुकी है।
धनबाद में भी कई मरीजों में संक्रमण पाया जा चुका है। राज्य की ओर से जारी निर्देशाें में म्युकरमायकोसिस की पहचान के लिए काेराेना मरीजाें का शुगर टेस्ट, रेनल फंक्शन टेस्ट, चेस्ट एक्स-रे व एचआर सीटी, एमआरआई, सीटी स्कैन, इंडोस्कोपी कराने का निर्देश दिया गया है। मरीज में संक्रमण की पुष्टि होने पर एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन 0.1 से 1.5 एमजी, कैशपोफंगीन प्लस लिपिड पॉलिन इंजेक्शन, मीकाफंगीन या ऐन्दूलाफनगिन प्लस का 100 एमजी डोज दो सप्ताह तक देने का निर्देश दिया गया है।
रोजना 5-6 बार शुगर का लेवल जांच करनी जरूरी
डायबिटीज से पीड़ित कोविड मरीजाें के म्युकरमायकोसिस से पीड़ित होने के अाशंका अधिक हाेती है। इसलिए अस्पतालों में भर्ती कोविड मरीजों के शुगर लेवल पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। दिनभर में उनका 5-6 बार शुगर लेवल का टेस्ट करना है।
एसएनएमएमसीएच की पीजी बिल्डिंग स्थित कोविड सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ डीपी भूषण ने बताया कि वहां गंभीर मरीजाें के शुगर लेवल की जांच नियमित रूप से की जा रही है।


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