बोकांरो में तीन दिनों तक तबाही मचा कर रुका चक्रवाती तूफान यास
जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश शुक्रवार को थम गई। चक्रवाती तूफान यास की वजह से शुरू हुई बारिश रुकने के बाद शहरवासियों ने राहत की सांस ली। लगातार हो रही बारिश ने जिले के शहरी व ग्रामीण हिस्सों में काफी नुकसान पहुंचाया। जिसका असर शुक्रवार को भी दिखा। माराफारी क्षेत्र स्थित आजाद नगर, बीएसएल झोपड़ी कॉलोनी, घोंचा टोला आदि स्थानों पर कई कच्चे मकान गिर गए।
गुरुवार रात तक जारी बारिश की वजह से चास शिवपुरी कॉलोनी, बारी को-ऑपरेटिव, भोजपुर कॉलोनी व धोबी मोहल्ला सहित अन्य कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी रही। जिस कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिले में हुई रिकॉर्ड 1380.40 एमएम बारिश : बोकारो में अब तक मई में कुल 1380.40 मिलीमीटर रिकॉर्ड बारिश हुई है। भारी बारिश को धान की फसल के लिए फायदेमंद बताते हुए कृषि पदाधिकारी ने बताया कि बारिश से किसानों को फायदा होगा। इसी के साथ शहर के कई मार्गो में बुधवार को भी जलभराव की समस्या रही। सीईजेड के समीप पानी जमा रहने से कई लोगों को बीएसएल एलएच होकर नया मोड़ सहित अन्य स्थानों पर जाना पड़ा।
चक्रवाती तूफान में सर्वाधिक बारिश पेटरवार प्रखंड में हुई। शुक्रवार तक हुई बारिश के दौरान चास प्रखंड में 144.4 एमएम व जरीडीह में 192.5 मिलीमिटर बारिश हुआ। वहीं चंदनकियारी में 34.1, कसमार 82.4, गोमिया 79.8, बेरमो 187, नावाडीह 169.2, चंद्रपुरा में 136 एमएम बारिश हुई। जबकि जिले भार का वास्तविक औसत वर्षानुपात 197.2 मिलीमिटर रहा।
सीजेड गेट पास जलजमाव, बढ़ी परेशानी : बीएसएल के सीजेड गेट पुल के पास लगातार हो रही बारिश से सड़क पर जलजमाव हो गया है। जलजमाव से सड़क पर बने गढ्ढे में पानी भर गया है। जिससे राहगिरों को काफी परेशानी हो रही है।
कई बार वाहन चालक पानी में ही गिर जा रहे हैं। शुक्रवार को देर शाम तक सीजेड गेटसे लेकर दुगल गेट तक का सड़क जर्जर होकर गडढानुमा हो जाने से उस पुल के नीचे से आने जाने वाले लोग दुर्घटना के भी शिकार हुए। जलजमाव से बीएसएल में काम पर जाने वाले कर्मचारी समेत ठेका मजदूरों का साईिकल व मोटरसाईिकल जलजमाव में परेशानी उठानी पड़ी।


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