महाराष्ट्र में नक्सलियों का एनकाउंटर:गढ़चिरौली में C-60 कमांडोज और नक्सलियों के बीच फायरिंग जारी, 13 नक्सली मुठभेड़ में ढेर, 6 के शव बरामद : गढ़चिरौली - AKB NEWS

महाराष्ट्र में नक्सलियों का एनकाउंटर:गढ़चिरौली में C-60 कमांडोज और नक्सलियों के बीच फायरिंग जारी, 13 नक्सली मुठभेड़ में ढेर, 6 के शव बरामद : गढ़चिरौली


 महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले में देर रात हुई एक मुठभेड़ में 13 नक्सली मारे गए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, अभी तक 6 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। गढ़चिरौली के DIG संदीप पाटिल ने इसकी पुष्टि की है। अभी भी C-60 कमांडोज और नक्सलियों के बीच रुक-रुक के फायरिंग जारी है।

 पाटिल के मुताबिक, 6 नक्सलियों के शव महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर स्थित गढ़चिरौली जिले के एटापल्ली के कटीमा के जंगल से बरामद हुए हैं।

थाना उड़ाने का नक्सलियों ने किया था प्रयास
नक्सलियों ने पिछले महीने गढ़चिरौली जिले के एटापल्ली तालुका के गुट्टा पुलिस थाने पर ग्रेनेड फेंका था। विस्फोट नहीं होने के कारण हादसा टल गया। हालांकि, नक्सलियों द्वारा थाने को उड़ाने की कोशिश को एक बड़ी घटना माना जा रहा था।

 माना जा रहा है कि इसी के बाद C-60 कमांडोज ने यह कार्रवाई की है।

29 मार्च को मारे गए थे 5 नक्सली
इससे पहले टैक्टिकल काउंटर अफेंसिव कैंपेन (TCOC) के लिए जुटे नक्सलियों के साथ गढ़चिरौली पुलिस की 29 मार्च को मुठभेड़ हुई थी। इसमें कुख्यात नक्सली रुसी राव सहित पांच नक्सली ढेर हो गए थे। इस एनकाउंटर के विरोध में नक्सलियों ने 12 अप्रैल को गढ़चिरौली बंद बुलाया था। 

12 अप्रैल को कई जगह नक्सलियों ने रोड कंस्ट्रक्शन में लगी मशीनों को आग लगा कर अपना विरोध जताया था।

कौन हैं C-60 एंटी नक्सल कमांडो

गढ़चिरौली जिले की स्थापना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां बढ़ गई थी। इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए तत्कालीन SP केपी रघुवंशी ने 1 दिसंबर 1990 को C-60 की स्थापना की। उस वक्त इस फोर्स में सिर्फ 60 विशेष कमांडो की भर्ती हुई थी, जिससे इसे यह नाम मिला। 

नक्सली गतिविधियों को रोकने के लिए गढ़चिरौली जिले को दो भागों में बांटा गया। पहला उत्तर विभाग, दूसरा दक्षिण विभाग।

प्रशासनिक कामकाज भी करते हैं C-60 कमांडो

​​​​​​इन कमांडो को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें दिन-रात किसी भी समय कार्रवाई करने के लिए ट्रेंड किया जाता है। इनकी ट्रेनिंग हैदराबाद, NSG कैंप मनेसर, कांकेर, हजारीबाद में होती है। नक्सल विरोधी अभियान के अलावा ये जवान नक्सलियों के परिवार, नाते-रिश्तेदारों से मिलकर उन्हें सरकार की योजनाओं के बारे में बताकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का काम भी करते हैं।

 नक्सली इलाकों में ये प्रशासनिक समस्याओं की जानकारी भी जुटाते हैं।

2019 में नक्सली हमले में 15 जवान शहीद हुए थे

इससे पहले 3 मई 2019 को घात लगाकार बैठे 100 से ज्यादा नक्सलियों ने एक ऐसा ही हमला किया था। गढ़चिरौली में हुए आईईडी ब्लास्ट में 15 QRT जवान शहीद हो गए थे। इस दुर्दांत हमले के पीछे उत्‍तरी गढ़चिरोली के सीपीआई (माओवादी) का कमांडर भास्‍कर हमले का मास्‍टर माइंड बताया गया था।

यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है...

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