झारखंड की बेटी खेलेगी टोक्यो ओलंपिक:निकी प्रधान डिफेंडर तो सलीमा टेटे मिडफील्डर के रूप में ग्राउंड पर दिखाएगी अपनी प्रतिभा, दोनों इंडियन ओलंपिक महिला टीम में शामिल : रांची - AKB NEWS

झारखंड की बेटी खेलेगी टोक्यो ओलंपिक:निकी प्रधान डिफेंडर तो सलीमा टेटे मिडफील्डर के रूप में ग्राउंड पर दिखाएगी अपनी प्रतिभा, दोनों इंडियन ओलंपिक महिला टीम में शामिल : रांची


 टोक्यो ओलंपिक के लिए हॉकी इंडिया की तरफ से गुरुवार को 16 सदस्यी महिला हॉकी इंडियन टीम की घोषणा कर दी गई है। इसमें झारखंड की दो बेटियां शामिल हैं। खूंटी की रहने वाली निकी प्रधान और सिमडेगा की सलीमा टेटे को इसमें शामिल किया गया है। ये पहला मौका है जब झारखंड की दो हॉकी खिलाड़ी एक ही ओलंपिक में भाग लेंगी।

हॉकी इंडिया की तरफ से गुरुवार को 16 सदस्यीयी महिला हॉकी टीम की घोषणा की गई। इसमें झारखंड की निकी प्रधान को डिफेंडर, जबकि सलीमा का चयन मिड फील्ड के तौर पर किया गया है। इससे पहले पुरुष या महिला हॉकी टीम में कभी भी झारखंड के दो खिलाड़ी इंडियन हॉकी टीम का हिस्सा नहीं बन पाई हैं। सलीमा सिमडेगा आवासीय सेंटर से प्रशिक्षु रहीं हैं।

इंडियन हॉकी टीम में जगह बनाते ही निकी प्रधान ने एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। निकी झारखंड की दूसरी महिला खिलाड़ी हैं जो दो ओलंपिक खेलेंगी।
इंडियन हॉकी टीम में जगह बनाते ही निकी प्रधान ने एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। निकी झारखंड की दूसरी महिला खिलाड़ी हैं जो दो ओलंपिक खेलेंगी।

दो ओलंपिक खेलने वाली दूसरी महिला खिलाड़ी बन गई है निकी प्रधान

इंडियन हॉकी टीम में जगह बनाते ही निकी प्रधान ने एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। निकी झारखंड की दूसरी महिला खिलाड़ी हैं जो दो ओलंपिक खेलेंगी। इससे पहले यह रिकॉर्ड तीरंदाज दिपीका के नाम था। जो इस बार तीसरी बार ओलंपिक का हिस्सा बन रहीं हैं।

खेल प्रशासकों ने कहा- दूर होगा पदक का टोटा

दोनों खिलाड़ियों के चयन पर राज्य के खेलप्रेमियों व प्रशासकों में उत्साह है। उन्होंने खुशी जताते हुए दोनों को शुभकामनाएं दी हैं। हॉकी के प्रशासकों को उम्मीद है कि 1980 से हॉकी में पदकों का टोटा इस बार खत्म होगा। महिला हॉकी में भारत ने पहली बार 2016 में ही भाग लिया था। टीम के लिए ये दूसरा मौका है कि वे ओलंपिक भाग ले रहीं हैं।

खूंटी और झारखंड के लिए गौरव की बात

निकी प्रधान के कोच दशरथ महतो ने बताया कि खिलाड़ी एक ओलंपिक के लिए तरसते हैं। मेरी शिष्या दो-दो ओलंपिक का हिस्सा बनेंगी। ये मेरे व खूंटी और झारखंड के लिए गौरव की बात है। पिछली बार जो कमियां रह गईं थी। उसे इस बार दूर करते निकी और सलिमा पदक के साथ लौटें, यही शुभकामनाएं हैं।

Previous article
Next article

Leave Comments

एक टिप्पणी भेजें

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads