धोखे से महफूज रखेगा हॉलमार्क प्रावधान:हॉलमार्क के बगैर जेवर की बिक्री नहीं कर पाएंगे ज्वेलर्स, गहनों पर लिखा होगा कैरेट : धनबाद
अब आपको सिर्फ हॉलमार्क का ही सोना मिलेगा। सोने के आभूषणों पर कैरेट लिखा होगा। कैरेट सुनिश्चित करेगा कि ग्राहक सोना का आभूषण खरीदते समय धोखा नहीं खाएं। इससे सोने की खरीदारी करने वाले ठगे जाने से बचेंगे। जिला सर्राफा संघ के अध्यक्ष चेतन गोयनका ने कहा कि हॉलमार्क के गहनों के प्रत्येक पीस की खरीदारी पर सोने की वर्तमान कीमत के साथ 35 रुपए प्रति गहना और 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ हॉलमार्क के लिए करीब 50 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
मतलब अगर कोई ग्राहक 6 पीस सोने की ज्वेलरी खरीदता है तो प्रत्येक आभूषण के हिसाब से उन्हें करीब 300 रुपए का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। लिहाजा जो ग्राहक सोना खरीद रहा है, उसे भी पता होगा कि जेवर कितने कैरेट का है। वहीं बिना कैरेट के व्यापारी आभूषण की बिक्री भी नहीं कर सकते हैं।
केंद्र सरकार के नए प्रावधान के अनुसार यदि कोई ज्वेलर्स बिना हॉलमार्क वाले गहने बेचने हुए पाया जाता है तो उसे एक साल की जेल हो सकती है। इसके अलावा गहने की कीमत से पांच गुना अधिक जुर्माना भी वसूला जा सकता है।
अब सिर्फ 14, 18 व 22 कैरेट के ही जेवरात बेच पाएंगे ज्वेलर्स
हॉलमार्क का नियम आने के बाद यह सभी दुकानदारों एवं प्रतिष्ठानों के लिए जरूरी होगा कि वे भारतीय मानक ब्यूरो से सभी गहनों का प्रमाणपत्र लें और गहनों पर हॉलमार्क लगवाएं। तभी वे गहनों की खरीद-बिक्री कर सकेंगे। इससे अब दुकानदार केवल 14, 18 और 22 कैरेट वाले सोने के गहने ही बेच पाएंगे। इसके साथ ही प्रत्येक ज्वेलरी पर एक नंबर लिखा होगा। इससे ग्राहक को पता चलेगा कि सोना कितने कैरेट का है।
जानिए...किस कैरेट के जेवर में क्या नंबर लिखा होगा
- * 24 कैरेट पर ज्वेलरी पर 999 नंबर
- * 22 कैरेट की ज्वेलरी पर 916 नंबर
- * 18 कैरेट के गहने पर 750 नंबर
- * 14 कैरेट पर सोने पर 585 नंबर
घर में रखे आभूषणों पर यह नियम लागू नहीं
संघ के अध्यक्ष चेतन गोयनका ने बताया कि जो लोग पूर्व गहने खरीद चुके हैं, उन पर इस हॉलमार्क प्रावधान का कोई असर नहीं होगा। वे आसानी से अपने गहनों को बेच सकते हैं। वर्तमान नियम केवल ज्वेलर्स पर लागू हो रहा है। ज्वेलर्स को सिर्फ हॉलमार्क गहनों की ही बिक्री करनी है।


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