TMC नेताओं की घर वापसी:मुकुल रॉय के बाद अब राजीव बनर्जी भी भाजपा छोड़ सकते हैं; बीते दिन तृणमूल नेता कुणाल घोष से मिलने पहुंचे थे : कोलकाता
तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए राजीव बनर्जी की भी घर वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं। अटकलों के बीच भाजपा से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने वाले राज्य के पूर्व मंत्री राजीव ने TMC के राज्य महासचिव कुणाल घोष से मुलाकात की।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राजीव शहर के उत्तरी क्षेत्र में स्थित घोष के आवास पर गए, जहां दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। हालांकि, घोष ने बाद में कहा कि यह शिष्टाचार मुलाकात थी। इसके बाद राजीव ने भी मीडिया को बताया था कि यह एक आम मीटिंग थी। मैं अभी भाजपा का ही सदस्य हूं।
हाल ही में भाजपा को चेतावनी दी थी
इससे पहले राजीव ने हाल में सोशल मीडिया पोस्ट में अपने नए दल को चेतावनी दी थी कि लोग भारी जनादेश से चुनी गई सरकार के खिलाफ राष्ट्रपति शासन की धमकी को पसंद नहीं करेंगे। जनवरी में तृणमूल कांग्रेस छोड़ने के बाद बनर्जी ने दावा किया था कि वह ऐसा करने के लिए बाध्य हुए क्योंकि तृणमूल नेताओं के एक वर्ग ने उनके कामकाज के तौर तरीके को लेकर अपनी शिकायतें सामने रखने पर उन्हें अपमानित किया। राजीव 2011 और 2016 में तृणमूल कांग्रेस की सरकार में मंत्री रहे थे।
40 हजार वोट से हारे थे राजीव
2016 के विधानसभा चुनाव में हावड़ा की डोमजूड़ सीट पर एक लाख से अधिक वोट से जीतने वाले राजीव इस बार उसी सीट पर 40,000 से अधिक वोट से हार गए थे। भाजपा हावड़ा की 16 विधानसभा सीटों पर जीत को लेकर राजीव के भरोसे थी, लेकिन राजीव अपनी सीट ही नहीं बचा पाए।
अन्य भाजपा नेता भी पार्टी छोड़ सकते हैं
सूत्रों के मुताबिक, कई और भाजपा नेता फिर से तृणमूल का दामन थाम सकते हैं। इस बात को और बल तब मिला, जब बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष की बुलाई बैठक में पार्टी के सांसद शांतनु ठाकुर और तीन अन्य विधायक नहीं पहुंचे। प्रभावशाली मतुआ समुदाय के एक प्रमुख सदस्य सांसद शांतनु ठाकुर विधानसभा चुनाव से पहले ही बंगाल में सीएए कानून को लागू करने को लेकर भाजपा के रुख से असंतुष्ट हैं। इनके अलावा तीन विधायक बिस्वजीत दास (बगड़ा), अशोक कीर्तनिया (बोनगांव उत्तर) और सुब्रत ठाकुर (गायघाटा) के नाम की चर्चा हो रही है।


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