कोयला मंत्री से बोले सीएम-कॉमर्शियल माइनिंग के ऑक्शन से पहले आते तो हमारा स्टैंड अलग होता
केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि कोरोना से कोयलाकर्मी की मौत होने पर परिजनों को 15 लाख का मुआवजा मिलेगा। गुरुवार को जोशी ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के साथ प्रोजेक्ट भवन में सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात । उन्होंने कहा कि जो भी कृषि योग्य भूमि कोयला मंत्रालय लेगा उसका सरकार मुआवजा देगी। गुरुवार को 298 करोड़ रुपए का चेक भी दिया। सीएम ने कहा कि अगर कॉमर्शियल माइनिंग से पहले आते तो सरकार का स्टैंड अलग होता।
सीएम से सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह : बैठक के बाद हेमंत साेरेन ने मीडिया को बताया कि मंत्री से कॉमर्शियल माइनिंग के ऑक्शन को लेकर चर्चा हुई। मैंने बताया कि किस मजबूरी में हमें सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट जाने के मुद्दे पर पुनर्विचार का आग्रह किया।
कॉमर्शियल माइनिंग से झारखंड को फायदा...
वहीं, जोशी ने प्रेस कांफ्रेस कर बताया कि कॉमर्शियल माइनिंग से देश ही नहीं झारखंड को भी फायदा होगा। इसमें नई खदानें आवंटित की जाएंगी। इसमें रैयतों को मुआवजा और सरकार को राॅयल्टी तत्काल मिलेगी। कॉमर्शियल माइनिंग के लिए झारखंड की नौ कोयला खदानें आवंटन के लिए प्रस्तावित हैं। इनसे राज्य को हर वर्ष 3200 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिलेगा।
from Dainik Bhaskar

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