मैथन डैम का पानी नगर निगम को देने से डीवीसी का इनकार, एलएंडटी कंपनी ने पूरे मामले की जानकारी निगम को दी
विजय पाठक, नगर निगम की शहरी जलापूर्ति याेजना के तहत वार्डाें में मिसिंग पाइपलाइन बिछाने का काम ताे शुरू हाे गया है, लेकिन मैथन से भेलाटांड़ तक मेन राइजिंग पाइप के बिछाने में पानी आवंटन काे लेकर पेंच फंस गया है। डीवीसी ने इस याेजना के लिए नगर निगम काे पानी देने से इनकार कर दिया है। डीवीसी द्वारा पानी नहीं देने का कारण मैथन में पानी की कमी या फिर फंड का अभाव नहीं है, बल्कि पानी आवंटन काे लेकर हुए एग्रीमेंट के कारण यह पेच फंसा है।
पानी आवंटन पर जाे एग्रीमेंट हुआ है, वह डीवीसी और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडब्ल्यूएनएसडी) के बीच हुआ है। इसी एग्रीमेंट के तहत मैथन जलापूर्ति याेजना के तहत डीडब्ल्यूएनएसडी काे डीवीसी पानी दे रहा है। डीवीसी के अफसराें ने जलापूर्ति याेजना का काम कर रही एलएंडटी कंपनी काे साफ कह दिया है कि एग्रीमेंट के अनुसार पानी डीडब्ल्यूएनएसडी काे ही दिया जाएगा, नगर निगम को नहीं। एलएंडटी कंपनी ने पूरे मामले की जानकारी निगम के अफसरों
167 एमएलडी के करार के बावजूद डीडब्ल्यूएनएसडी ले रहा 70 एमएलडी पानी काे दे दी है।
डीडब्ल्यूएनएसडी और डीवीसी के बीच लगभग 167 एमएलडी पानी पर एग्रीमेंट हुआ है। इसके एवज में विभाग द्वारा डीवीसी काे राशि का भुगतान किया जाता है। डीडब्ल्यूएनएसडी के अफसराें की माने ताे फिलहाल मैथन से प्रतिदिन 70 एमएलडी पानी ही लिया जा रहा है। इसमें करीब 30 से 35 एमएलडी पानी रास्ते में ही बर्बाद हाे जाता है।
35 फीसदी पानी ही शहर के लाेगाें काे मिल पा रहा है। जब पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल काे आवंटित पानी में से 97 एमएलडी पानी के इस्तेमाल नहीं हाेने की जानकारी मिली ताे उन्हाेंने मैथन से भेलाटांड़ तक समानांतर पाइप बिछाने की याेजना की डीपीअार तैयार करवा कर मंजूरी के लिए नगर विकास काे भेजा। विभाग से मंजूरी मिलने और टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हाेने के बाद काम एलएंडटी कंपनी काे दिया गया।
from Dainik Bhaskar

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