10 महीनों में डिजाइन और ड्राफ्टिंग को दी गई तकनीकी मंजूरी, जल्द शुरू होगा काम
310 कराेड़ रुपए की झमाडा जलापूर्ति याेजना का कंस्ट्रक्शन वर्क जल्द शुरू होगा। याेजना का काम कर रही मुंबई की कंस्ट्रक्शन कंपनी जेएमसी के प्राेजेक्ट मैनेजर तरुण त्रिपाठी का कहना है कि इस साल जनवरी में ही कंपनी की टेक्निकल विंग ने डिजाइन और ड्राफ्ट तैयार कर झमाडा प्रबंधन काे सौंप दिया था। अब जाकर कुछ कार्यों के लिए तकनीकी मंजूरी मिली है। जैसे-जैसे मंजूरी मिलती जाएगी, वैसे-वैसे काम शुरू करते जाएंगे।
जल्द ही जीर्णाेद्धार याेजना का कंस्ट्रक्शन वर्क धरातल पर दिखेगा। प्राेजेक्ट मैनेजर का कहना है कि अक्टूबर 2019 में नगर विकास विभाग के साथ जाे करार हुअा था, उसके अनुसार 24 महीने में काम पूरा कर हैंडओवर कर देना था। लेकिन, काम की गति काे देखते हुए लगता नहींं है कि अगले साल तक याेजना पूरी हाे पाएगी।
अलग-अलग चरणों में किए जाएंगे ये काम
पहले चरण में जामाडोबा में बनेगा नया ट्रीटमेंट प्लांट
कंपनी के प्राेजेक्ट मैनजर ने बताया कि पहले चरण में जामाडाेबा जलसंयंत्र में बाउंड्रीवाॅल बनाने का काम किया जाएगा। सुरक्षा कारणाें से भी चाहरदीवारी जरूरी है। उसके बाद जामाडाेबा में 43.5 एमएलडी का नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इससे झरिया और आसपास के क्षेत्राें में जलापूर्ति की जाएगी।
खदानों का पानी शुद्ध करने के लिए भी प्लांट बनाए जाएंगे
याेजना के तहत दूसरे स्टेज में खदान के पानी काे शुद्ध कर सप्लाई के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा। बराेरा, जयरामपुर अाैर बाेर्रागढ़ा में 0.75 एमएलडी के 3 जलसंयंत्र, जीनागाेरा, लाेदना और जियालगाेरा में 3 एमएलडी के जलसंयंत्र और इंदिरानगर में 8 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा।
एलसी रोड में झमाडा मुख्यालय में बनाया जाएगा नया भवन
लुबी सर्कुलर राेड स्थित झमाडा मुख्यालय परिसर में नए भवन का निर्माण भी योजना के तहत किया जाना है। तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद यहां पर भी काम शुरू कर दिया जाएगा। यह काम कंपनी की सिविल विंग करेगी। इसके अलावे पुटकी, केंदुआ, भूली, तिलाटांड़ में संपों का निर्माण किया जाएगा और झरिया में जलागार बनाया जाएगा।
घरों तक जलापूर्ति करने के लिए बिछाई जाएगी नई पाइपलाइन
कंपनी के प्राेजेक्ट मैनजर तरुण त्रिपाठी का कहना है कि याेजना में सबसे बड़ा काम नया पाइप बिछाने का काम है। जामाडाेबा वाटर ट्रीटमेंट पलांट से लेकर भाैंरा, झरिया, पुटकी, केंदुअा, करकेंद, भूली, कतरास, तिलाटांड़ और ताेपचांची सहित अन्य क्षेत्राें में नया मेन राइजिंग पाइप बिछाया जाएगा। उसे पाइप से उपभाेक्ताओं के घराें तक भी पाइप बिछाया जाना है।
इन वजहों से रुका रहा याेजना का काम
पहले झमाडा, फिर जुडको और आखिर में फिर से झमाडा को माॅनेटरिंग का जिम्मेवारी
जेएमसी कंपनी प्रबंधन का कहना है कि इतनी बड़ी याेजना के कंस्ट्रक्शन वर्क की माॅनेटरिंग के लिए एजेंसी तय करने में हुई देरी से भी काम प्रभावित हुआ। पहले तय हुआ कि झमाडा करेगा, इसके बाद जुडकाे को माॅनेटरिंग की जिम्मेवारी दे दी गई। फिर तय हुआ कि झमाडा ही यह काम करेगा। इस कारण 8 महीने तक डिजाइन और ड्राफ्टिंग का काम फंसा रह गया।
सिक्युरिटी मनी कंपनी को नहीं लौटाई गई
कंपनी के प्राेजेक्ट मैनजर का कहना है कि याेजना में विलंब का सबसे बड़ा कारण करार के तहत पैसे का भुगतान था। इसके तहत सिक्यूरिटी मनी काे कंपनी काे लाैटाना था, लेकिन वह राशि नहीं लाैटाई गई। काम शुरू करने के एवज में माेबलाइजेशन एडवांस का भुगतान करना था, इस पर भी सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया।
डिजाइन और ड्राफ्टिंग फाइनल स्टेज में है। झमाडा की तकनीकी विंग स्थल निरीक्षण कर अलग-अलग फेज में मंजूरी दे रही है। अगले सप्ताह के अंत तक सभी याेजनाअाें की तकनीकी स्वीकृति दे दी जाएगी।’’
- इंद्रेश कुमार शुक्ला, तकनीकी सदस्य, झमाडा
from Dainik Bhaskar

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