स्थिति भयावह... अस्पताल की जगह जेल में ही रखे जा रहे हैं 212 संक्रमित
कोरोना से जंग में क्या जिला प्रशासन की तैयारी कम पड़ गई है? जनता के बीच यह सवाल डीसी छवि रंजन और एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा की कार्यशैली से उठाने लगा है। क्योंकि, बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल होटवार में अब तक कुल 212 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 107 जेलकर्मी और 105 कैदी हैं। जेल में न तो इनके सही से रहने की व्यवस्था है और न ही इलाज की। यदि समय रहते इन्हें कोविड अस्पतालों में शिफ्ट नहीं किया गया, तो स्थिति भयावह हो जाएगी। इस खतरे का अंदाजा लगाकर जेल अधीक्षक हामिद अख्तर कई बार डीसी और एसएसपी से मदद की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन, दोनों सीनियर अफसरों ने इसे अनसुना कर दिया।
जवाब देना तक मुनासिब नहीं समझा। हार कर जेल प्रशासन ने संक्रमित कैदियों में से 55 को फिलहाल अलग-अलग सेलों में और 50 को विभिन्न वार्डों में रखे हुए है। संक्रमित जेलकर्मियों को जेल के ही आवासीय परिसर में बने बैरकों में रखा गया है। अव्यवस्था का आलम यह है कि सरकारी गाइडलाइन को ताख पर रखकर एक-एक बैरक में 6 से 7 संक्रमित मरीजों को रखा जा रहा है। जेल अधीक्षक ने कहा कि कैदियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल चाहिए, ताकि उन्हें कोविड अस्पतालों में भेजा जा सके। इसके लिए एसएसपी से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने अब तक कोई जवाब नहीं दिया।
यही वजह है कि बगैर डीसी व एसएसपी के आदेश के वे किसी संक्रमित कैदी को कोविड अस्पताल नहीं भेज सकते हैं। मजबूरन संक्रमितों को जेल में ही रखना पड़ रहा है। हो सकती है होमगार्ड की तैनाती जेल की सुरक्षा में बड़ी संख्या में तैनात भूतपूर्व सैनिकों व जेल पुलिस के जवानों की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई संकट उत्पन्न न हो, इसलिए होमगार्ड जवानों को जेल परिसर में तैनात किए जाने की तैयारी चल रही है। जेल आईजी के साथ हुई बैठक में इस बात पर सहमति बन गई है। जेल अधीक्षक को जब भी सुरक्षा से संबंधित कोई परेशानी महसूस होगी तो वे तुरंत पत्र लिखकर होमगार्ड जवानों की मांग करेंगे। जेल आईजी उन्हें यह निर्देश दिया है।
कोरोना के डर से कैदियों ने दो दिन पहले जेल में किया था हंगामा
जेल में बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए दो दिन पहले यहां बंद करीब तीन हजार कैदी हंगामा कर चुके हैं। कैदियों के हंगामे की सूचना पर जेल अधीक्षक पहुंचे और उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराए। इसके बाद विचाराधीन बंदियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कोरोना वायरस से बचाव के लिए जमानत पर छोड़ने की गुहार लगाई है। फिलहाल, किसी तरह जेल में बंद कैदियों को समझा-बुझाकर रखा जा रहा है।
3000 के करीब कैदी इस समय बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद हैं
212 लोग संक्रमित हैं जेल में
107 जेलकर्मी व 105 कैदी
from Dainik Bhaskar

Leave Comments
एक टिप्पणी भेजें