कस्तूरबा स्कूल की 31 छात्राएं आईआईटी की करेंगी तैयारी, 65 लाख होगा खर्च
उपायुक्त शशि रंजन शुक्रवार को जिले की उपलब्धियों को लेकर मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने 33 विभागों की उपलब्धियों का ब्योरा प्रस्तुत करते हुए कहा कि किसी भी जिले में विकास कार्य निरंतर प्रकिया है। इसी प्रकिया में कुछ खास व विशेष कार्य किए जाते हैं जो उस जिले के लिए उसकी पहचान बनती है ।
उसी में एक “सपनो की उड़ान” कार्यक्रम है जो पहली बार किया जा रहा है । इसके तहत बिहार के सुपर-30 की तर्ज पर खूंटी में भी सुपर-31 योजना बनाई गई है। इसमें कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की 31 छात्राओं का चयन किया गया है।
इन चयनित छात्राओं को जिला प्रशासन अपने खर्च पर आईआईटी कंप्लीट कराने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह अपने आप में अलग व अनूठा होगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने 65 लाख रुपए के बजट का प्रावधान किया है।
उपायुक्त शशि रंजन ने बताया कि हमारा प्रयास है कि विद्यालय के चयनित प्रतिभाशाली छात्राओं को आईआईटी की पढ़ाई के लिए अग्रसर किया जाए। साथ ही समय-समय पर ऑनलाइन क्लास के माध्यम से उन्हें शिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही छात्राओं को आईआईटी की सिलेबस, वीडियोज व शिक्षण सामग्रियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्हें देश के अच्छे कोचिंग संस्थान से जोड़ा जाएगा । उन्होंने कहा कि हमारी इस मुहिम के माध्यम से छात्राओं को अन्य आईआईटी प्रोफेसर व जानकारों से ऑनलाइन क्लास के जरिए जोड़ा जाए। इससे उन्हें शिक्षण प्रक्रिया के साथ-साथ आईआईटी की परीक्षाओं की तैयारियों में भी पूरा सहयोग मिल पाएगा।
डीसी की पहल... सपनों की उड़ान कार्यक्रम से शिक्षा के विकास पर फोकस
उपायुक्त शशि रंजन ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में एकलव्य विद्यालय खोला जाना है। कर्रा में एकलव्य विद्यालय बनकर तैयार होगा होगा। जो अगले एक दो माह में कल्याण विभाग उसे प्रारंभ करने की दिशा में कदम बढ़ा दी है । उन्होंने बताया कि रनिया, तोरपा व अड़की में विद्यालय के लिए जमीन स्थानांतरण करने की प्रक्रिया की जा रहा है।
बिजली समस्या के लिए बना सेल
पहली बार जिला प्रशासन के द्वारा बिजली समस्या को लेकर अलग से एक सेल का गठन किया है । डीसी ने बताया कि यह सेल उनके गोपनीय शाखा में काम करेगी । इसके माध्यम से गठित सेल बिजली संबंधी हर समस्या पर नजर रखेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर दिशा निर्देश के साथ मदद करने का काम करेगी । इससे बिजली व्यवस्था में सुधार आएगी।
कोरोना स्टेटस के लिए बना डेस बोर्ड
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन ने जिले में कोरोना स्टेटस की जानकारी के लिए डेस बोर्ड का निर्माण कराया गया है। इसके माध्यम से कोई भी घर बैठे ऑनलाइन एक क्लिक कर जिले के साथ साथ पूरे झारखंड की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
डीयू व जेएनयू के लिए भी तैयारी कराई जाएगी : डीसी
उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि खूंटी एक आदिवासी बहुल जिला है। यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उपायुक्त ने यह भी बताया कि कस्तूरबा के कला संकाय की जो छात्राएं डीयू व जेएनयू जैसे नामी शिक्षण संस्थानों में पढ़ना चाहती हैं तो उनके लिए भी विशेष तैयारी कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार शुरू से ही खूंटी को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। उपायुक्त ने कहा कि कस्तूरबा की चयनित छात्रा ओं को वे भी अवकाश के दिनों में ऑनलाइन मार्गदर्शन करने का काम करेंगे।
from Dainik Bhaskar

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