पहली बार मंदिरों में बिना भक्त मनेगा जन्मोत्सव, 4 सिद्धि योग भी, जिसमें जन्मे थे कान्हा
शहर के मंदिरों में पहली बार बिना श्रद्धालुओं के बाल गोपाल का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वहीं वैष्णवजन बुधवार को उत्सव मनाएंगे। हालांकि 12 अगस्त को जन्माष्टमी के साथ चार संयोग भी जुड़ रहे हैं। ये हैं सर्वार्थ सिद्धि योग, वृषभ का चंद्रमा, बुधवार का दिन और सूर्य उदय की अष्टमी। इन चारों संयोगों में ही पांच हजार वर्ष पूर्व भगवान का जन्म हुआ था।
गोकुल और मथुरा में भी जन्माष्टमी इसी दिन मनाई जा रही है। ज्योतिर्विदों के अनुसार गृहस्थ 11 अगस्त को जन्माष्टमी मनाएंगे, जबकि उस दिन सप्तमी तिथि है, जो सुबह 9.06 बजे तक रहेगी। अष्टमी तिथि इसके बाद शुरू होगी, जो 12 अगस्त को सुबह 11.15 बजे तक रहेगी। बुधवार को न तो रोहिणी नक्षत्र रहेगा और न ही अष्टमी तिथि रहेगी, लेकिन चारों संयोगों के कारण बुधवार की जन्माष्टमी श्रेष्ठ मानी गई है।
निर्देशों का होगा पालन... प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार ही पूजा
रांची में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर अपर बाजार, डोरंडा में कृष्णा नगर कॉलोनी के श्री राधाकृष्ण मंदिर, श्री शिव मंदिर महाबीर मंदिर, पुरुलिया रोड स्थित श्री राम मंदिर में जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया जाता है। श्री श्याम मित्र मंडल के अध्यक्ष गोपाल मुरारका ने बताया कि बुधवार को श्री खाटूधाम की परंपरा अनुसार प्रभु को स्नान कराया जाएगा। महामंत्री आनंद शर्मा ने बताया कि प्रभु का स्वागत पूर्व की भांति ही सभी अनुष्ठानों के साथ किया जाएगा।
from Dainik Bhaskar

Leave Comments
एक टिप्पणी भेजें