500 यूनिट तक के घरेलू उपभोक्ता को मिलेगी 100 यूनिट मुफ्त बिजली
कौशल आनंद, सरकार ने घोषणा पत्र के अनुरूप 100 यूनिट तक बिजली फ्री करने की योजना पर काम तेज कर दिया है। झामुमो ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में आम उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक बिजली फ्री देने की घोषणा की थी। अब सरकार के निर्देश के बाद बिजली निगम एवं ऊर्जा विभाग ने इसको लेकर हिसाब-किताब लगाना शुरू कर दिया है। संभावना यह जताई गई है कि अगले दो महीने में सरकार इस योजना की घोषणा कर सकती है।
बिजली निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, निगम ने इसको लेकर हर महीने 32 करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान का आकलन किया है। अगर यह स्कीम लागू होती है, तो इस राशि की भरपाई सरकार को करनी होगी। बिजली निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 100 यूनिट तक फ्री बिजली का लाभ सभी तरह के घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा।
इसकी सीमा 500 यूनिट तक रखी जा सकती है। यानि 100 यूनिट से 500 यूनिट तक मासिक बिजली कंज्यूम करने वाले सभी उपभोक्ता इसके दायरे में आएंगे। कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को इससे बाहर रखा जाएगा। जबकि कृषि उपयोग के लिए सरकार अलग फीडर बनाने की सोच रही है। क्योंकि किसानों को कृषि कार्य के लिए पूरी बिजली फ्री देना चाहती है।
इस पर मंथन जारी... पुरानी सब्सिडी जारी रहेगी या खत्म होगी
पूर्ववर्ती सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को मिल रही सब्सिडी नई स्कीम लागू होने के बाद जारी रहेगी या खत्म होगी, इस पर मंथन चल रहा है। दोनों स्कीम साथ चलेंगी, पुरानी खत्म होगी या फिर कोई नई स्कीम घोषित होगी। इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
कृषि कार्य के लिए पूर्णत: फ्री की जा सकती है बिजली
बिजली निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकार किसानों को भारी राहत दे सकती है। किसानों के घरेलू उपयोग के लिए बिजली को डोमेस्टिक की श्रेणी में लाकर उसे 100 यूनिट फ्री वाली स्कीम में लाया जाएगा, जबकि कृषि कार्य के लिए सरकार पूरी तरह से बिजली फ्री कर सकती है। सिंचाई एवं खेती कार्य के लिए फीडर भी अलग करने की योजना पर काम चल रहा है।
ब्रांबे और नगड़ी फीडर किए गए इंटरकनेक्ट... एक खराब होने पर दूसरे से दी जाएगी बिजली
बिजली वितरण निगम रांची सर्किल ने ब्रांबे एवं नगड़ी फीडर को एक-दूसरे से जोड़ कर दिया है। अब दोनों में से किसी एक फीडर में किसी तरह की खराबी आने या मेजर ब्रेकडाउन होने की स्थिति में दूसरे फीडर से जोड़कर बिजली बहाल की जा सकेगी। यह कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद ब्रांबे एवं नगड़ी के आम उपभोक्ता समेत इंडस्ट्रियल इकाइयों ने भी राहत की सांस ली है। इस क्षेत्र के लोग काफी परेशान एवं गुस्से में चल रहे थे। निगम की ओर से 33 केवी लाइन पर एक ओर से स्विच लगाने एवं फैब्रिकेशन का काम पूरा कर इस लाइन में दूसरा स्विच डालकर इन्हें आपस में इंटरकनेक्ट किया गया है।
33 केवी डेडिकेटेड लाइन से जोड़ा गया
ब्रांबे और नगड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली संकट को देखते हुए झारखंड संपूर्ण बिजली आच्छादन योजना-2 के अंतर्गत डेडिकेटेड 33 केवी लाइन से जोड़ा गया है। इसके पूर्व नगड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति 33 केवी बेड़ो फीडर से की जाती थी। इस फीडर से बेड़ो, इटकी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की जाती है।
इस क्षेत्र में कई फैक्ट्रियां... नगड़ी, ब्रांबे एवं इटकी क्षेत्र में कई फैक्ट्रियां हैं। पावर कट से ये इकाइयां प्रभावित होती थीं। क्षेत्र में मंगलम फूड एंड फीड्स, बालाजी थर्मोप्लास्ट, हेमराज राइस प्रोडक्ट, भारती एग्रो एलएलपी इंडस्ट्रीज, मदर डेयरी समेत दर्जनों फैक्ट्रियां हैं।
from Dainik Bhaskar

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