बाजार गुलजार, ग्राहकों से भरी दिखीं दुकानें, रात 9 बजे तक होती रही खरीदारी - AKB NEWS

बाजार गुलजार, ग्राहकों से भरी दिखीं दुकानें, रात 9 बजे तक होती रही खरीदारी

सोमवार को सावन पूर्णिमा है। सावन पूर्णिमा पर भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और समर्पण का त्याेहार रक्षाबंधन हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाएगा। बहनें अपने भाइयों के सुख, समृद्धि, लंबी अायु के साथ उनकी रक्षा के लिए हाथाें पर रक्षासूत्र बांधेंगी। इस बार रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ काम जल्दी सिद्ध होते हैं।

ज्योतिषाचार्याें के अनुसार सोमवार को रक्षाबंधन को श्रवण नक्षत्र का प्रारंभ सुबह 7.20 बजे से हो रहा है, जो अगले दिन 4 अगस्त को सुबह 8.12 बजे समाप्त होगा। श्रावण पूर्णिमा पर सोमवार और श्रवण नक्षत्र की युक्ति इससे पूर्व 7 अगस्त 2017 को बनी थी। श्रावण मास की पूर्णिमा पर सोमवार को श्रवण नक्षत्र का संयोग भविष्य में 2024 में बनेगा।

ऐसे बीतेगा रक्षाबंधन

कोरोना की वजह... वीडियो कॉलिंग से भी बंधेगी राखी

इस बार कोरोना के कारण कई बहनें अपने भाई को राखी बांधने नहीं आ सकेंगी। ऐसे में वीडियो कॉलिंग के जरिए ही भाई अपनी बहन के स्नेह को कलाई पर बांधेंगे। बढ़ती महमारी को देखते हुए भले ही कई बहनें अपने भाईयों के घर नहीं पहुंचीं लेकिन इसके बाद भी इससे उनके स्नेह और प्यार में तनिक भी अंतर नहीं आएगा। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए यह कदम शुभ है।

बारिश के आसार... धनबाद में झमाझम संभव

बंगाल की खाड़ी में निम्न क्षेत्र का दबाव बनने के कारण रक्षाबंधन के दिन धनबाद समेत राज्य के कई हिस्सों में बारिश के आसार हैं। कुछ जगहों पर बारिश के साथ वज्रपात और गर्जन की भी चेतावनी जारी की गई है। राज्य के उत्तर, मध्य और दक्षिणी हिस्से में बारिश के साथ गर्जन और वज्रपात होने की संभावना है। वही मध्य और उत्तर में कुछ जगहों पर भारी बारिश की भी संभावना है। इस वजह से अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 23 रह सकता है।

नक्षत्र का चक्र... सुबह 9.29 बजे खत्म होगा भद्रा​​​​​​​

इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा सुबह 9.29 पर समाप्त हो रहा है। इसके बाद शुभ मुहूर्त सुबह 9.30 से 10.30 तक दोपहर 1.30 से संध्या 4.30 तक रहेगा। प्रदोष गोधूलि बेला पर शाम 4.30 से 6 बजे के बीच में सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त निर्मित हो रहा है। इस बार स्थिर लग्न के मुहूर्त में सुबह 11.23 से दोपहर 1.37 बजे तक (तुला लग्न, चर लग्न), दोपहर 1.37 से 3.53 तक (वृश्चिक लग्न, स्थिर लग्न) तक के लग्न मसमृद्धि, वैभव, संपदा, आरोग्यता प्रदान करने वाला रहेगा।






from Dainik Bhaskar
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