होल्डिंग टैक्स कलेक्शन बंद, समय पर टैक्स नहीं भरा तो लग सकता है फाइन
रांची नगर निगम में 13 अगस्त से होल्डिंग टैक्स, वाटर टैक्स और म्युनिसिपल लाइसेंस शुल्क वसूलने का काम बंद है। दरअसल मेयर और सूडा के बीच रहे विवाद के कारण रांची नगर निगम में टैक्स कलेक्शन कौन एजेंसी करेगी, यह अभी तक तय नहीं हुआ है। निगम क्षेत्र में टैक्स वसूलने का कार्य कर रही स्पैरो सॉफ्टेक का कार्यकाल 12 अगस्त को समाप्त हो चुका है। इसके बाद से टैक्स वसूली का काम बंद हो गया है। हालांकि, मेयर आशा लकड़ा ने दावा किया था कि कंपनी कार्यकाल खत्म होने के बाद भी काम करती रहेगी।
लेकिन निगम की ओर से कंपनी को कार्य विस्तार का पत्र नहीं दिया गया। न ही कंपनी ने इसमें रुचि दिखाई। जबकि, इस विवाद के कारण निगम को रोज औसतन 10 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। सोमवार को भी निगम के कचहरी और डोरंडा स्थित कार्यालय में होल्डिंग टैक्स जमा करने का काउंटर बंद रहा। इधर, मेयर ने नगर विकास सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 से यह स्पष्ट होता है कि परिषद (बोर्ड) के निर्णय का अनुपालन कराना नगर आयुक्त की जिम्मेदारी है। लेकिन आपके द्वारा हस्ताक्षेप किए जाने के कारण नगर आयुक्त समेत अन्य अधिकारी परिषद के निर्णय पर कार्य करने से बच रहे हैं।
सफाई और वेतन भुगतान पर पड़ सकता है असर
मेयर और सूडा के बीच चल रही लड़ाई का असर शहर की सफाई से लेकर सफाई कर्मियों के वेतन पर भी पड़ सकता है। क्योंकि, होल्डिंग टैक्स से निगम को सालाना 50 करोड़ की आय होती है। इसी से निगम सफाई कराने के साथ अपने 2500 सफाई कर्मियों को वेतन देता है। मेयर ने अपने पत्र में कहा है कि पूर्व में कार्यरत एजेंसी को कार्य विस्तार नहीं दिए जाने पर निगम को राजस्व में नुकसान होगा। आम लोगों को तय तिथि पर टैक्स जमा नहीं करने पर फाइन भी भरना होगा।
from Dainik Bhaskar

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