गड़बड़ी का आरोपी रोजगार सेवक कार्यमुक्त, पंचायत सचिव निलंबित, मुखिया के वित्तीय अधिकार पर रोक
मनरेगा में ठेकेदारों से काम कराया जा रहा है। जेसीबी मशीन का भी उपयोग हो रहा है। मनरेगा योजनाओं में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद धनबाद के गोविंदपुर प्रखंड के बिराजपुर एवं सहराज पंचायत से जुड़े मनरेगा कर्मियों पर गाज गिरी है। सोशल ऑडिट के बाद विभागीय जांच में मामले का पूरी तरह से खुलासा हो गया है। वहां के ग्राम रोजगार सेवक अनिरुद्ध पांडे, जो झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हैं, को सेवा से मुक्त कर दिया गया है।
करीब 25 लाख रुपए की गड़बड़ी का मामला बताया जा रहा है। धनबाद के डीसी ने आदेश जारी कर ग्राम रोजगार सेवक अनिरुद्ध पांडे एवं अन्य दोषी पाए गए लोगों से 10 दिनों के भीतर अनियमितता और गड़बड़ी से संबंधित राशि की वसूली का निर्देश दिया है। अगर राशि की वसूली नहीं हो पाती है, तो सर्टिफिकेट केस करने का आदेश दिया है। इसी मामले में सहराज पंचायत के पंचायत सचिव विजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जबकि मुखिया जाकिर अंसारी की वित्तीय शक्ति जब्त की गई है।
अधिकतर योजनाओं में काम ही नहीं हुआ
केस- 1 सोशल ऑडिट के दौरान ज्यादातर मामले ऐसे आए हैं, जिसमें योजनाओं को धरातल पर नहीं पाया गया। उदाहरण के तौर पर ग्राम रामपुर में भौतिक सत्यापन के दौरान फुग्गा देवी, कुमार महतो की जमीन पर बकरी शेड निर्माण कार्य धरातल पर नहीं पाया गया। जबकि एमआईएस के सत्यापन के अनुसार इस योजना में मजदूरी तथा सामग्री मद में 54436 रु. की निकासी भी हो गई। इस योजना का प्राक्कलन 63100 रुपए है।
ग्राम स्वराज में भौतिक सत्यापन के दौरान योजना सुदाम अंसारी की जमीन पर मुर्गी शेड निर्माण कार्य धरातल पर नहीं पाया गया। जबकि एमआईएस सत्यापन के अनुसार इस योजना में मजदूरी तथा सामग्री मद मिलाकर कुल 54776 रु. की निकासी कर ली गई।
लाभुक ने बताया...काम ठेकेदार कर रहा
केस- 3 धनबाद जिले के गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र के रामपुर गांव में शंकर प्रसाद महतो के मुर्गी शेड के निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन किया गया। लाभुक के लिखित आवेदन के अनुसार यह काम ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है। यह कार्य अभी अपूर्ण है, लेकिन 58,656 रुपए की निकासी की जा चुकी है। इस योजना का प्राक्कलन 65350 रुपए है।
हर जगह नियम विरुद्ध काम...योजनाओं की अधिकांश राशि की हो गई निकासी
धनबाद जिले के गोविंदपुर प्रखंड में मनरेगा कार्यों में कई तरह की गड़बड़ी उजागर हुई है। सोशल ऑडिट के माध्यम से इन गड़बड़ियों का पता चला है। इससे संबंधित रिपोर्ट ग्रामीण विकास विभाग के मुख्यालय तक भी पहुंची है। गड़बड़ियों में यह भी शामिल है कि मनरेगा योजना में ठेकेदारी भी की गई, जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध है।
मनरेगा विशुद्ध रूप से मजदूरों की योजना है, जिसमें उन्हें सरकार की ओर से रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन इसमें भी ठेकेदारी का मामला प्रकाश में आया है। इसके अलावा इस तरह की भी जानकारी सामने आई है कि मनरेगा की योजना धरातल पर नहीं पाई गई, जबकि ज्यादा से ज्यादा राशि की निकासी कर ली गई है। कुछ स्थानों पर जेसीबी मशीन से भी काम कराए जाने का मामला उजागर हुआ है।
from Dainik Bhaskar

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