चिरिया में इको विकास समिति व वन विभाग की हुई ग्रामसभा
भास्कर न्यूज़ |
शनिवार को चिरिया में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत सारंडा वन प्रमंडल, चाईबासा के कोयना वन प्रक्षेत्र, मनोहरपुर के चिरिया में ईको विकास समिति व वन विभाग के द्वारा एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा में सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी, रजनीश कुमार व प्रशिक्षु आईएफएस श्री प्रजेश जेना की मौजूदगी में भारतीय संविधान की प्रस्तावना को पढ़ा एवं जल, जंगल व जमीन बचाने तथा जंगल के पेड़ों को अवैध रूप से नहीं काटने व जंगल बचाने की शपथ ली। मौके पर डीएफओ व प्रशिक्षु आईएफएस ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना एवं ग्रामीण विकास से संबंधित बातों पर चर्चा की। इस अवसर पर वन विकास, वन प्रबंधन, वन सुरक्षा, ग्राम विकास, ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने, वनोपज के माध्यम से रोजगार के साधन, विभाग के द्वारा उनके क्षेत्र में नए कार्यों का विस्तृत विवरण, महिला समितियों को सिलाई मशीन की प्रशिक्षण, पत्तल बनाने की प्रशिक्षण व अन्य प्रशिक्षण के बारे में चर्चा की गई। वहीं ग्रामीणों ने बागवानी व फलदार वृक्षों की नर्सरी लगाने का सुझाव दिया। जो प्रवासी बंधु कोरोना के समय बाहर से आए हैं उनको भी रोजगार देने व कोयना नदी में गिरे आयरन ओर को निकालने व नदी को साफ करने के लिए भी चर्चा हुई। वहीं ईको विकास समिति, चिरिया के अध्यक्ष लक्ष्मण सामद ने बताया कि उनके गांव के लोगों को जंगल से जलावन लकड़ी लाने के लिए ग्राम सभा से अनुमति लेनी होती है और समिति के द्वारा भी जंगल बचाने के लिए समय समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। इस समय चिरिया में तीन स्वयंसेवी संस्था काम कर रही है। जबकि सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी रजनीश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की समस्याओं को जल्द ही निपटाने का प्रयास किया जाएगा। पंचायत के सभी गांव वालों की मांग के लिए सभी वन समितियों को मिलाकर एक एकीकृत विशाल समिति बनाया जाएगा।
from Dainik Bhaskar

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