माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने लोयाेला समेत 10 स्कूलों से मांगी फीस की जानकारी, निजी विद्यालयों के करीब 60% छात्र ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे
लॉकडाउन में फीस को लेकर निजी स्कूलों ने आदेश का अनुपालन किया है या नहीं इसकी जानकारी के लिए सरकार ने स्कूलों से पिछले तीन महीने में लिए गए शिक्षण व अन्य शुल्क की जानकारी मांगी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निर्देश के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने 10 स्कूलों को पत्र जारी किया है। इसमें पांच स्कूल शहरी क्षेत्र के और पांच स्कूल ग्रामीण क्षेत्र के हैं।
सभी स्कूलों को तीन दिन के अंदर संबंधित जानकारी विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि विभाग इसे कंपाइल कर प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को भेज सके। मालूम हो कि लॉकडाउन की वजह से सरकार ने स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेने का आदेश दिया था, लेकिन लगातार शिकायत मिल रही है कि स्कूल पूरी फीस वसूल रहे हैं। इसके बाद निदेशालय ने निजी स्कूलों से फीस की जानकारी मांगी है।
डीएसई ने प्रबंधन को किया शोकॉज, जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई
कदमा स्थित बाॅल्डविन स्कूल ने फीस नहीं जमा करने पर कई बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर कर दिया है। इसकी शिकायत अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय स्थित आरटीई सेल में की है। इसपर संज्ञान लेते हुए डीएसई विनीत कुमार ने स्कूल को नोटिस जारी किया है। इसमें स्कूल से पूछा गया है कि उसने किस आधार पर बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर किया। जवाब देने के लिए स्कूल प्रबंधन को एक सप्ताह का समय दिया गया है। डीएसई ने कहा कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि यह पहले ही निर्देश जारी किया जा चुका है कि किसी भी परिस्थिति में स्कूल बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर नहीं कर सकते हैं, भले ही बच्चे फीस न जमा करें। उन्होंने कहा कि वैसे ही लॉकडाउन में पढ़ाई न के बराबर हो रही है। इसमें भी अगर बच्चों को ऑनलाइन क्लास से दूर रखा जाएगा ताे उनके शैक्षणिक कॅरियर पर बुरा असर पड़ेगा।
निजी स्कूलों की मनमानी के सामने राज्य सरकार कमजोर पड़ रही- कुणाल षाड़ंगी
झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की नतिनी का नाम बोकारो (चास) के दिल्ली पब्लिक स्कूल ने समय पर फीस भुगतान नहीं होने पर काट दिया। इस मामले में शिक्षा मंत्री ने नतिनी की स्कूल फीस स्वयं भुगतान कर दी, लेकिन इस घटना से निजी स्कूलों की मनमानी के आलम ने सरकार को आईना दिखा दिया है। यह कहना है भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी का। कहा-निजी स्कूलों के मनमानी के सामने सरकार कमजोर पड़ रही है।
इन स्कूलों से मांगी गई जानकारी
- लोयाेला स्कूल, बिष्टुपुर
- केरला समाजम मॉडल स्कूल, गोलमुरी
- रामकृष्ण मिशन, साकची
- जेएच तारापोर, एग्रिको
- बाॅल्डविन इंग्लिश स्कूल, फार्म एरिया कदमा
- टीपीएसडीएबी, बहरागोड़ा
- नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल, दुइकु
- विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल, चाकुलिया
- आरएन फाउंडेशन लिटिल हार्ट, केरो
- जेवियर्स स्कूल, आसनबनी
from Dainik Bhaskar

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