टाटा कमिंस प्रबंधन ने बताया वित्तीय वर्ष 2019-20 में 66.96 करोड़ रुपए का लाभ, प्रबंधन व यूनियन के बीच बैठक में उठा मामला
टाटा कमिंस में बुधवार को बोनस को लेकर प्रबंधन व यूनियन की स्टीयरिंग कमेटी के बीच वार्ता शुरू हुई। कंपनी प्रबंधन की ओर से प्लांट हेड मनीष झा, एचआर हेड दीप्ति माहेश्वरी, अमित ठाकुर ने भाग लिया। वहीं, स्टीयरिंग कमेटी सदस्य एहसान सिराजी, रामाकांत करूवा समेत अन्य ने यूनियन की ओर से भाग लिया। सबसे पहले कंपनी प्रबंधन ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में हुए लाभ का ब्योरा दिया। इस वित्तीय वर्ष में 66.96 करोड़ रुपए लाभ होने की जानकारी दी।
वहीं, कुल उत्पादन व बीआईएस का आंकड़ा मिलने के बाद ही पहले से तयशुदा फार्मूले पर बोनस राशि का निर्धारण होगा। मालूम हो कि प्रबंधन पूर्व से ही इस वर्ष बोनस नहीं लेने की बात यूनियन के मार्फत कर्मचारियों से कह रहा है, जिसे कमेटी सदस्यों की बैठक में नकारा जा चुका है। यूनियन ने पत्र में 20 प्रतिशत बोनस देने की मांग रखी हैै। बोनस वार्ता शुक्रवार को भी जारी रहेगी।
आरके सिंह ने दायर किया अग्रिम प्रतिवाद पत्र
एनजीटी ने हाल ही में झारखंड के कई सरकारी भवनों पर जुर्माना लगाया है। साथ ही दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी कही है। एनजीटी के आदेश के विरूद्ध कोई अपील कर ऊपरी कोर्ट से स्थगन न ले सके, इसलिए याचिकाकर्ता डाॅ. आरके सिंह ने सर्वोच्च न्यायालय में अग्रिम प्रतिवाद पत्र दायर किया है। साथ ही झारखंड उच्च न्यायालय में भी एक अग्रिम प्रतिवाद पत्र स्वयंसेवी संस्था युगांतर भारती के कार्यकारी अध्यक्ष अंशुल शरण ने याचिकाकर्ता के तरफ से दायर किया है। शरण ने बताया कि एनजीटी ने जो भारी जुर्माना झारखंड के कई भवनों पर लगाया है।
from Dainik Bhaskar

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