पैसे-पैरवी का खेल- एक साल पहले जिस तबादले में डीएसई बदले, उन्हीं 89 शिक्षकों का फिर ट्रांसफर
पैसे-पैरवी पर पूर्वी सिंहभूम जिले में 89 शिक्षकाें का स्थानांतरण कर दिया गया है। ये सभी वे शिक्षक हैं, जिनका 1 साल पहले भी विभाग ने तबादला किया था। लेकिन शिक्षा निदेशालय ने इस पर राेक लगा दी थी। एक बार फिर से इन शिक्षकाें काे स्थानांतरण उन्हीं स्कूलाें में कर दिया गया है, जहां पिछले वर्ष हुआ था। पिछले वर्ष इस स्थानांतरण के आराेप में ही जिला शिक्षा अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया था।
लेकिन ठीक एक साल बाद नए डीएसई विनीत कुमार ने उसी आधार पर शिक्षकाें का तबादला कर दिया। यही नहीं इन सभी काे 12 सितंबर तक अपने स्थानांतरित विद्यालय में ज्वाइन करने का आदेश भी जारी कर दिया है। यही नहीं पूर्व डीएसई बांके बिहारी सिंह ने जिन स्कूलों में शिक्षकों के यूनिट को काट दिया था, उसी यूनिट पर डीएसई ने शिक्षकों को पदस्थापित कर दिया।
राेक के बाद भी पड़े पैमाने पर सामूहिक स्थानांतरण
मालूम हाे कि जिस समय यह स्थानांतरण हुआ था, उस समय सरकार ने सामूहिक स्थानांतरण पर राेक लगाया था। और अब नए शिक्षक स्थानांतरण नियमावली के तहत स्थानांतरण हाेना है। जिसकी प्रक्रिया अगल है। यही वजह है कि विभाग व जिला शिक्षा स्थापना समिति ने पूराने आदेश काे आधार बनाते हुए ही इन शिक्षकाें काे स्थानांतरित किया ताकि काेई पेंच न फंसे।
काेर्ट के फैसले का भी नहीं किया गया इंतजार
मालूम हाे कि पिछले वर्ष जब इन शिक्षकाें के स्थानांतरण पर राेक लगायी गयी थी ताे इसमें से कई शिक्षकाें ने काेर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में काेर्ट ने विभाग से जवाब-तलब किया है। लेकिन काेर्ट का ऑर्डर आने से पहले ही विभाग ने अपने स्तर से शिक्षकाें के स्थानांतरण काे सही बताते हुए नया आदेश जारी कर दिया है।
डीसी काे नहीं दी विभाग ने तबादले की पूरी जानकारी
जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय ने इस पूरे मामले की सही जानकारी उपायुक्त सूरज कुमार काे नहीं दी है। यही वजह है कि इस पत्र जाे पूर्व डीसी की अध्यक्षा में हुए जिला शिक्षा स्थानांतरण समिति के आदेश काे आधार बनाते हुए जारी किया गया है। डीएसई काे यह पता था कि नए डीसी के पास मामला सही ढंग से पहुंचने पर यह फंस सकता था।
from Dainik Bhaskar

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